BJP पार्षद की भाभी की मोहाली कोर्ट में आज पेशी:दो दिन का पुलिस रिमांड खत्म; भाजपा ने चीफ सेक्रेटरी से की शिकायत

चंडीगढ़ के वार्ड नंबर-4 से बीजेपी पार्षद सुमन शर्मा की भाभी कोमल शर्मा का दो दिन का पुलिस रिमांड खत्म हो गया है। इसके बाद कोमल शर्मा को आज मोहाली कोर्ट में पेश किया जाएगा। मोहाली पुलिस के मुताबिक, पूछताछ के दौरान कोमल शर्मा ने कई अहम खुलासे किए हैं। उन पर ड्यूटी पर न जाने के बावजूद पूरी सैलरी लेने के जो आरोप हैं, उन्हें लेकर भी कोमल शर्मा ने पुलिस के सामने अपना पक्ष रखा है। पुलिस सूत्रों का कहना है कि इन बयानों के बाद उनकी मुश्किलें और बढ़ सकती हैं। कोमल शर्मा की गिरफ्तारी पंजाब वाटर सप्लाई एंड सीवरेज बोर्ड से जुड़े एक कथित फर्जीवाड़े के मामले में दिखाई गई है। इधर, चंडीगढ़ भाजपा अध्यक्ष जितेंद्र पाल मल्होत्रा ने आरोप लगाया कि इस पूरे मामले के पीछे पंजाब सरकार है और यह कार्रवाई चंडीगढ़ के सह-प्रभारी डॉ. सन्नी सिंह आहलूवालिया के इशारे पर की जा रही है। जितेंद्र पाल ने कहा कि बीजेपी ने इस मामले को लेकर चंडीगढ़ के चीफ सेक्रेटरी एच. राजेश प्रसाद को शिकायत दी है और आहलूवालिया के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग भी की है।पार्षद सुमन देवी कुछ दिन पहले ही आम आदमी पार्टी छोड़कर बीजेपी में शामिल हुई थीं। आरोप है कि यह गिरफ्तारी क्यों की गई, इसकी जानकारी तक परिवार को नहीं दी गई। बीते शनिवार की रात साढ़े 11 बजे दर्ज हुए केस में पुलिस रविवार अलसुबह ही घर में घुसी और यह अरेस्टिंग की।बता दें कि चंडीगढ़ नगर निगम में साल 2026 के लिए मेयर, सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर पदों के लिए चुनाव 29 जनवरी को होगा। इसी दिन मौजूदा मेयर का कार्यकाल खत्म हो रहा है। वोटिंग के दिन ही नतीजे भी आएंगे। खास बात ये है कि आम आदमी पार्टी इस चुनाव से पहले की कांग्रेस से गठबंधन तोड़ चुकी है। इस मामले में की गई कोमल शर्मा की गिरफ्तारी…. निगम में कुल 35 पार्षद हैं, जो मेयर चुनाव के लिए वोट देते हैं। एक वोट सांसद का भी होता है, जो इस वक्त कांग्रेस के मनीष तिवारी हैं। इस बार चुनाव सीक्रेट बैलेट के बजाय हाथ खड़े कर करवाए जाएंगे। अगर AAP और कांग्रेस का गठबंधन रहता तो AAP के 11 और कांग्रेस के 6 पार्षद+1 सांसद यानी कुल 7 वोट मिलाकर 18 वोट होते। इतने ही वोट भाजपा के भी हैं। हाथ खड़े कर वोटिंग होगी तो क्रॉस वोटिंग संभव नहीं थी। ऐसे में दोनों तरफ वोट बराबर हो जाते। हालांकि अब गठबंधन टूट गया है तो साफ तौर पर भाजपा के 18 पार्षद एकजुट रहेंगे और कांग्रेस और आप अलग-अलग अपने मेयर उम्मीदवार के लिए हाथ खड़े करेंगे तो उनकी तीनों पदों पर हार तय है। गठबंधन तोड़ने के AAP की वजह के बारे में जानिए….

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *