डिप्टी सीएम बोले-‘वीबी-जी राम जी’ 125 दिन मिलेगा रोजगार:हर सप्ताह होगा भुगतान, 15 दिन काम करना होगा जरूरी

राजसमंद जिले के चारभुजा गढ़बोर में आयोजित रात्रि चौपाल में उप मुख्यमंत्री एवं जिला प्रभारी मंत्री डॉ. प्रेमचंद बैरवा शामिल हुए। चौपाल में बड़ी संख्या में ग्रामीण, जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद रहे। इस दौरान उन्होंने ग्रामीणों से सीधा संवाद कर सरकार की योजनाओं की जानकारी दी और उनकी समस्याएं सुनीं। 125 दिन रोजगार की गारंटी देगा नया कानून रात्रि चौपाल को संबोधित करते हुए उप मुख्यमंत्री ने विकसित भारत रोजगार एवं आजीविका गारंटी मिशन (ग्रामीण) अधिनियम-2025 यानी ‘वीबी-जी राम जी’ के प्रावधानों की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि यह नया कानून ग्रामीण भारत की तकदीर बदलने वाला साबित होगा। उन्होंने बताया कि इस अधिनियम के तहत प्रत्येक ग्रामीण परिवार को 125 दिन का वैधानिक रोजगार मिलेगा, जो पहले की तुलना में 25 प्रतिशत अधिक है। इससे ग्रामीणों की आय में बढ़ोतरी होगी और पलायन पर रोक लगेगी। साप्ताहिक भुगतान, देरी पर मुआवजा उप मुख्यमंत्री ने कहा कि योजना के तहत श्रमिकों को भुगतान साप्ताहिक या अधिकतम 15 दिन में करना अनिवार्य होगा। यदि भुगतान में देरी होती है तो श्रमिकों को मुआवजा देने का भी प्रावधान रखा गया है। इससे मजदूरों को समय पर मजदूरी मिल सकेगी और उन्हें आर्थिक सुरक्षा मिलेगी। ग्राम सभा निभाएगी अहम भूमिका, बायोमेट्रिक से होगी निगरानी डॉ. बैरवा ने बताया कि वी.बी.जी. रामजी अधिनियम में ग्राम पंचायत और ग्राम सभा की केंद्रीय भूमिका होगी। कार्यों की निगरानी बायोमेट्रिक प्रणाली से की जाएगी, जिससे पारदर्शिता बनी रहेगी और भ्रष्टाचार पर अंकुश लगेगा। उन्होंने कहा कि यह कानून ग्रामीण भारत के लिए आय, सम्मान और भविष्य की गारंटी है। मोदी के नेतृत्व में देश चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था उप मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत आज तेज़ी से प्रगति कर रहा है और दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2005 में लागू मनरेगा उस समय की जरूरतों के अनुसार थी, लेकिन समय के साथ उसमें अनियमितताएं और भ्रष्टाचार बढ़ गया। बदली हुई सामाजिक-आर्थिक परिस्थितियों को देखते हुए सरकार ने इसे नए स्वरूप में लागू किया है, ताकि वास्तविक जरूरतमंदों को इसका लाभ मिल सके। डॉ. बैरवा ने कहा कि वी.बी.जी. रामजी अधिनियम से गांवों में स्थायी परिसंपत्तियों का निर्माण होगा, जिससे गांव आत्मनिर्भर बनेंगे। यह योजना सिर्फ रोजगार नहीं, बल्कि ग्रामीण विकास की मजबूत नींव रखेगी।

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