बाबा बनने के लिए दादा-दादी की हत्या:करनाल में पोते ने 15 लाख देने थे, जमीन पर मंदिर बनाना चाहता था; गला दबाकर मारा

हरियाणा के करनाल में बुजुर्ग दंपती का हत्यारा इनका पोता ही निकला। आरोपी पोते ने इनके 15 लाख रुपए और जमीन हड़पने के लिए उसने अपने 2 साथियों के साथ मिलकर पूरी साजिश रची थी। पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। DSP गोरखपाल राणा ने बताया कि मुख्य आरोपी रविंद्र नशे का आदी है। वह बाबा बना हुआ है। इसका प्लान था कि दादा हरि सिंह, दादी लीला की मौत के बाद उनकी जमीन पर मंदिर बनाएगा। उसने 2 साथियों प्रदीप और गुलशन को तांबे और अन्य सामान का लालच देकर अपने प्लान में शामिल किया। 11 जनवरी की रात तीनों ने दादा-दादी के हाथ-पैर बांधकर मुंह पर टेप लगा दी थी। इसके बाद एक-एक कर रविंद्र ने दोनों का गला दबा दिया। DSP ने यह भी बताया कि जब रविंद्र अपनी दादी लीला का गला दबा रहा था, तो दादी ने आवाज लगाई कि “रविंद्र बचा ले”, क्योंकि रविंद्र उनके पड़ोस के मकान में ही रहता था। रविंद्र के मुंह पर कपड़ा होने की वजह से वे उसका चेहरा नहीं देख पाई। अब जानिए DSP गोरखपाल राणा ने क्या बताया…. 2 साथियों को तांबे का लालच दिया
DSP ने बताया कि रविंद्र कई दिन से सही मौके का इंतजार कर रहा था। उसने मुंह पर लगाने के लिए टेप भी खरीद ली थी, लेकिन उसे कोई साथ देने वाला नहीं मिला। इस बीच उसका संपर्क जयसिंहपुरा गांव के प्रदीप और गुलशन से हुआ। प्रदीप हरि सिंह की दुकान पर कबाड़ी का सामान बेचने के लिए जाता था। रविंद्र ने दोनों को लालच दिया कि उसके दादा का कबाड़ी का गोदाम है, वहां से तांबा चोरी कर लेना और इस पूरे घटनाक्रम को लूट और चोरी में बदल दिया जाएगा। इसके बाद दोनों इसकी इस प्लानिंग में शामिल हो गए। दीवार फांदकर दादा के घर में गया
DSP के मुताबिक, 11 जनवरी की रात को प्रदीप और गुलशन रविंद्र के पास आ गए थे। रविंद्र का घर दादा के घर की दीवार से सटा हुआ है। इसलिए रात को वह दीवार फांदकर आसानी से अंदर घुस गया। इसके बाद गेट खोलकर रविंद्र ने प्रदीप और गुलशन को भी अंदर बुला लिया। रात 11.47 बजे से सवा एक बजे के बीच इन्होंने वारदात को अंजाम दिया। दादा-दादी के मुंह पर टेप लगाई और गला दबा दिया, जिसमें उनकी मौत हो गई। दादी ने कहा- रविंद्र बचा ले
DSP ने यह भी बताया कि रविंद्र ने वारदात के वक्त मंकी कैप पहनी थी। रविंद्र की दादी पर जब हमला हो रहा था, तो वह अपने पोते को आवाज लगा रही थीं कि “रविंद्र बचा लो, रविंद्र बचा लो…” लेकिन शायद दादी को नहीं पता था कि जो उनका गला घोंट रहा है, वह रविंद्र ही है। रविंद्र की प्लानिंग थी कि वह घर में ऐसा दिखाना चाहता था कि कोई चोरी करने आया था और इन दोनों को मारकर चला गया। 3 पॉइंट में दोनों की हत्या कैसे हुई…

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *