चाइनीज मांझा पर लगातार कार्रवाई:हादसे के बाद जागा प्रशासन,शहर के बाद अब आउटर की दुकानों में दी दबिश

रायपुर में प्रतिबंधित चाइनीज मांझा के खिलाफ नगर निगम की कार्रवाई लगातार जारी है। मंगलवार को रायपुर नगर निगम के जोन क्रमांक-6 की टीम ने छत्तीसगढ़ राज्य पर्यावरण संरक्षण मंडल के क्षेत्रीय कार्यालय के साथ मिलकर दो पतंग दुकानों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान करीब 8 बंडल प्रतिबंधित चाइनीज मांझा बरामद हुआ, जिसे मौके पर ही जब्त कर लिया गया। यह कार्रवाई जिला कलेक्टर डॉ. गौरव कुमार सिंह, नगर निगम आयुक्त विश्वदीप और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उम्मेद सिंह के निर्देश पर की गई। जोन-6 क्षेत्र में संतोषी नगर स्थित राज ट्रेडर्स के पास और भाठागांव चौक के समीप स्थित दो पतंग दुकानों की जांच की गई। निरीक्षण जोन कमिश्नर हितेन्द्र यादव के मार्गदर्शन में जोन स्वास्थ्य अधिकारी अदिव्य हजारी और निगम के अन्य कर्मचारियों की मौजूदगी में हुआ। निरीक्षण के दौरान दोनों दुकानों से प्रतिबंधित चाइनीज मांझा मिलने पर उसे तत्काल जब्त कर लिया गया। अधिकारियों ने बताया कि जब्त सामग्री के मामले में छत्तीसगढ़ राज्य पर्यावरण संरक्षण मंडल के निर्देशानुसार आगे की वैधानिक प्रक्रिया अपनाई जा रही है। साथ ही दोनों दुकान संचालकों को स्पष्ट चेतावनी दी गई है कि भविष्य में यदि चाइनीज मांझा पाया गया तो नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी। एक दिन पहले भी हुई थी बड़ी कार्रवाई इससे पहले सोमवार को भी रायपुर नगर निगम ने चाइनीज मांझे के खिलाफ अभियान चलाया था। जोन-1 और जोन-5 की टीम ने पर्यावरण संरक्षण मंडल के साथ मिलकर पतंग दुकानों का औचक निरीक्षण किया था। जोन-1 के बाल गंगाधर तिलक वार्ड (क्रमांक-18) में गुढियारी स्थित प्रयास हॉस्टल के पास दो दुकानों से प्रतिबंधित चाइनीज मांझा बरामद किया गया था। दोनों दुकानदारों पर 5-5 हजार रुपए का जुर्माना लगाते हुए कुल 10 हजार रुपए वसूले गए थे। वहीं जोन-5 क्षेत्र में घासीदास प्लाजा और आमापारा मार्ग पर सड़क किनारे लगी पतंग दुकानों की जांच की गई। यहां भी चाइनीज मांझा मिलने पर तत्काल जब्ती की गई और सड़क किनारे लगी दुकानों को हटाया गया। निगम ने नियम उल्लंघन पर आगे और सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी है। हादसे के बाद जागा प्रशासन रविवार को लाखेनगर इलाके में प्रतिबंधित चाइनीज मांझे से एक महिला गंभीर रूप से घायल हो गई थी। मंदिर जा रही महिला के चेहरे में उड़ता हुआ मांझा फंस गया, जिससे होंठ और अंगूठे में गहरे कट लग गए। महिला को अस्पताल में 10 टांके लगाने पड़े। स्थानीय लोगों की मदद से उन्हें अस्पताल पहुंचाया गया। पहले भी हो चुकी है कार्रवाई नगर निगम इससे पहले भी कई इलाकों में छापेमारी कर चुका है।27 दिसंबर को बूढ़ातालाब स्थित सिटी पतंग भंडार से 2 किलो, मोती पतंग भंडार से 1 किलो, सदर बाजार के संजय पतंग भंडार से 1.5 किलो चाइनीज मांझा जब्त किया गया था। गोलबाजार स्थित संगम काइट सेंटर का भी निरीक्षण किया गया था। क्या है कानून एनजीटी ने वर्ष 2017 में चाइनीज और नायलॉन मांझे पर प्रतिबंध लगाया है। पर्यावरण संरक्षण अधिनियम 1986 की धारा-15 के तहत दोषी पाए जाने पर 1 लाख रुपए तक जुर्माना या 5 साल तक की सजा या दोनों का प्रावधान है। गंभीर मामलों में यह जुर्माना 5 लाख रुपए तक और सजा 5 साल तक हो सकती है। नगर निगम का कहना है कि जानलेवा चाइनीज मांझे के खिलाफ अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा और कहीं भी इसके इस्तेमाल या बिक्री की सूचना मिलने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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