मकर संक्रांति से पहले गौ ग्रास के लिए रोटियां तैयार:सागवाड़ा में सालों पुरानी परंपरा का हुआ निर्वहन

डूंगरपुर जिले के सागवाड़ा में मकर संक्रांति से 1 दिन पहले गौ ग्रास तैयार करने की वर्षों पुरानी परंपरा निभाई गई। विभिन्न समाजों के लोगों ने मिलकर गौ माता के लिए रोटियां बनाईं, जिन्हें मकर संक्रांति के दिन गायों को खिलाया जाएगा। यह आयोजन सागवाड़ा नगर के पोल का कोठा स्थित सोनियाजी के मंदिर के पीछे किया गया। पोल का कोठा क्षेत्र के महिला-पुरुषों ने श्रद्धापूर्वक इसमें हिस्सा लिया। इस परंपरा का उद्देश्य गाय माता और गौ वंश की सेवा करना तथा उनके स्वास्थ्य का ध्यान रखना है। यह आयोजन पिछले 50 वर्षों से हर साल मकर संक्रांति से एक दिन पूर्व किया जाता रहा है। सर्व समाज में एकता और सौहार्द का संदेश
इस आयोजन में विभिन्न समाजों के लोग एकजुट होकर गौ-ग्रास तैयार करते हैं, जिससे समाज में एकता और सौहार्द का संदेश जाता है। इस वर्ष संक्रांति के लिए 40 किलो आटा, 5 किलो देसी घी, 8 लीटर तेल और 20 किलो गुड़ का गौ ग्रास तैयार किया गया है। मकर संक्रांति के दिन युवा अपने वाहनों का उपयोग करते हुए विभिन्न स्थानों पर खड़ी गौ माता, गौ वंश और अन्य मवेशियों को देसी घी से चुपड़ी हुई रोटी में गुड़ रखकर खिलाएंगे। इसके अतिरिक्त, श्री श्री उत्तम गोपाल कृष्ण गोशाला और सन्मति गोशाला में भी गौ रक्षकों द्वारा गौ-ग्रास खिलाया जाएगा।

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