कोटा में खाद्य सुरक्षा टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए अलग अलग प्रतिष्ठानों पर औचक जांच की। इस दौरान खाद्य पदार्थों के नमूने लिए और संदिग्ध लगे खाद्य पदार्थों को सीज किया है। कोटा में 3560 किलो घी-तेल व नमकीन सीज किया गया है। यह कार्रवाई मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. नरेंद्र नागर के नेतृत्व में की गई। खाद्य सुरक्षा टीम की ओर से रीको इंडस्ट्रियल एरिया, रोड नंबर-7 स्थित एक फैक्ट्री का निरीक्षण किया गया। यहां घी निर्माण की सूचना पर जांच की गई, लेकिन मौके पर कुकिंग मीडियम वनस्पति पैक किया जा रहा था। यहां से अवसर, जय कृष्णा एवं मंगलम ब्रांड की वनस्पति के एक-एक नमूने लिए गए। वहीं रानपुर स्थित एक घी-तेल निर्माता फैक्ट्री से राजस्थान फ्रेश ब्रांड के मूंगफली तेल व घी के नमूने लिए गए। रामपुरा स्थित एक होलसेलर फर्म से 18 कार्टन में रखे 270 लीटर घी (धेनु सरस) और 25 टीन में रखे 375 लीटर अलसी का तेल (बालाजी ब्रांड) सीज करते हुए दोनों के नमूने लिए गए।
पूर्व में मुखबिर की सूचना पर प्रेमनगर स्थित एक किराना दुकान से लिया गया श्री डेयरी प्रीत घी का नमूना प्रयोगशाला जांच में अनसेफ पाया गया। जांच में सामने आया कि यह घी रंगबाड़ी स्थित एक होलसेलर से खरीदा गया था। इसके बाद रंगबाड़ी स्थित फर्म से 126 कार्टन में रखा 1890 लीटर घी सीज किया गया। संबंधित फर्म ने यह घी हनुमानगढ़ स्थित सप्लायर से खरीदना बताया, जिस पर दोनों फर्मों को नियमानुसार रिकॉल नोटिस जारी किया जा रहा है। इसी फर्म पर 65 कार्टन में रखा 975 लीटर अवधिपार घी (डेयरी राइट) भी पाया गया, जिसे सीज कर नष्ट करने की प्रक्रिया के लिए नोटिस जारी किया गया। साथ ही मूंगफली तेल, सरसों तेल व मसालों के 5 नमूने भी लिए गए।
इसके अलावा रीको आई.पी.आई.ए. स्थित एक नमकीन निर्माता इकाई से नमकीन निर्माण में उपयोग किए जा रहे यूज्ड रिफाइंड सोयाबीन तेल एवं मटर नमकीन का नमूना लिया गया तथा 50 किलो मटर नमकीन सीज की गई। साफ-सफाई व आवश्यक दस्तावेजों के अभाव में संबंधित फर्म को खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम की धारा 32 के तहत इम्प्रूवमेंट नोटिस जारी किया जाएगा। खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के अंतर्गत लिए गए सभी 16 नमूनों को जांच हेतु खाद्य लैब भेजा गया है। जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।


