मंगलवार को नीमच जिले में कलेक्टर हिमांशु चंद्रा के मार्गदर्शन में जनसुनवाई का आयोजन किया गया। ग्राम पंचायत से लेकर जिला स्तर तक हुई इस जनसुनवाई में कई गंभीर मामले सामने आए। इनमें सरकारी जमीन पर अवैध कब्जे, भू-माफियाओं की गतिविधियां और आम लोगों से ठगी के प्रकरण शामिल रहे। सरकारी जमीन पर बने आलीशान बंगले जनसुनवाई में सबसे बड़ा मामला शहर के महू रोड स्थित बंगला नंबर 21 से जुड़ा सामने आया। शिकायतकर्ताओं ने बताया कि यहां सरकारी जमीन पर बिना अनुमति और बिना नक्शा पास कराए करीब 5-5 हजार वर्ग फीट के तीन बंगले बना दिए गए हैं। पीड़ितों ने आरटीआई से मिले दस्तावेज पेश करते हुए कहा कि पिछले एक साल से शिकायत करने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई। अब इस करोड़ों की सरकारी जमीन पर छोटी-छोटी प्लाटिंग कर बेचने की तैयारी की जा रही है। बुजुर्ग से 5.64 लाख की ठगी दूसरा मामला ग्राम दूदरसी से सामने आया। आरोप है कि अमृतलाल खारोल और मुकेश पाटीदार ने सर्वे नंबर 857 की शासकीय जमीन को अपनी बताकर बुजुर्ग विष्णु शर्मा को 5 लाख 64 हजार रुपए में बेच दिया। शिकायत में बताया गया कि आरोपियों ने मामले को दबाने के लिए खुद को असहाय किसान बताकर कोर्ट से राहत लेने की कोशिश भी की। इस प्रकरण में जिला पंचायत के एक कर्मचारी की भूमिका पर भी सवाल उठे हैं। ग्रामीणों ने आरोपियों पर एफआईआर दर्ज करने और सरकारी जमीन से कब्जा हटाने की मांग की।
कलेक्टर ने सुनीं 94 आवेदकों की समस्याएं कलेक्ट्रेट में हुई जनसुनवाई में कलेक्टर हिमांशु चंद्रा ने कुल 94 आवेदनों पर सुनवाई की। गांधी कॉलोनी की कांताबाई को सेवानिवृत्ति के 11 महीने बाद भी पीएफ और पेंशन नहीं मिलने पर कलेक्टर ने सीएमओ नीमच को 7 दिन में भुगतान के निर्देश दिए। उन्होंने साफ कहा कि पेंशनधारियों को परेशान करने पर जिम्मेदारी संबंधित अधिकारी की होगी। दिव्यांग को ट्राइसाइकिल, जमीन मामलों में कार्रवाई के निर्देश कलेक्टर ने बरूखेड़ा के दिव्यांग लालाराम को रेडक्रॉस से तुरंत ट्राइसाइकिल दिलवाई। इसके अलावा जूनाभदाना के मांगू बंजारा की जमीन से जुड़ी शिकायत पर एसडीएम मनासा को कार्रवाई के निर्देश दिए गए। वहीं धनेरिया कलां में पुश्तैनी जमीन पर कब्जा और पेड़ काटने के मामले में तहसीलदार को तुरंत कार्रवाई के आदेश दिए गए।


