हॉस्पिटल में जन्म के बाद नवजात को लावारिस छोड़ गए:राहगीरों ने पुलिस को सौंपा, डॉक्टर बोले- बच्चे को सांस लेने में हो रही कठिनाई

टोंक में मंगलवार को मानवता और मां की ममता को झकझोर देने वाला मामला सामने आया है। मालपुरा उपखंड के जनकपुरा गांव (टोरडी) के पास रास्ते में एक नवजात एक बैग में लावारिस हालत में मिला है। राहगीरों ने बैग को हिलते देखा तो उसके पास गए। जब बैग खोला तो उसमें मासूम बच्चा था। मौके पर पहुंची पुलिस नवजात को मालपुरा अस्पताल ले गई, जहां उसे भर्ती कर इलाज किया गया। लेकिन बच्चे की हालत गंभीर होने के कारण उसे टोंक रेफर कर दिया गया। मालपुरा अस्पताल के शिशु रोग विशेषज्ञ गिर्राज का कहना है कि बच्चे को यहां कुछ घंटे रखकर इलाज किया गया, लेकिन ज्यादा सुधार नहीं होने से उसे टोंक रैफर कर दिया। उसे सांस लेने में ज्यादा परेशानी हो रही थी। फिलहाल टोंक के जनाना अस्पताल में बच्चे का इलाज किया जा रहा है। बच्चे के कोई चोट नहीं है, लेकिन संभवत कपड़े के बैग में बंद करने से उसे सांस लेने में प्रॉब्लम हो रही है। नवजात का जन्म कुछ घंटे पहले ही हुआ है। उसके कोड क्लेम लगा है और मेल नवजात है। जनाना अस्पताल के शिशु रोग विशेषज्ञ डॉक्टर जितेन्द्र कुमार ने बताया कि नवजात दो तीन दिन का लग रहा है। उसका वेट 2.1 किलो है। आज शाम 5.18 बजे मालपुरा अस्पताल से रेफर होकर आया है। नवजात को भर्ती कर इलाज किया जा रहा है। शरीर कोई चोट नहीं है,।लेकिन सांस लेने में बच्चे को प्रॉब्लम हो रही है। नवजात की हालत स्थिर बनी हुई पुलिस नवजात की मां तलाश में जुटी
मालपुरा थाने की ASI गिर्राज ने बताया कि लोगों की सूचना पर पुलिस ने मौके पर पहुंचकर नवजात को मालपुरा अस्पताल में भर्ती कराया है। पुलिस जांच शुरू कर दी है। फिलहाल उसकी मां समेत अन्य परिजनों की तलाश की जा रही है। …………………. ये खबर भी पढ़ें … 6-घंटे पहले जन्मी बच्ची को कागज के बॉक्स में फेंका:खून से सनी थी मासूम; डॉक्टर बोले- सांस नहीं ले पा रही थी बांसवाड़ा में एक नवजात बच्ची कागज के बॉक्स में बंद मिली। बच्ची खून से सनी हुई थी और बॉक्स में चींटियां भरी थी। उसके रोने की आवाज सुनकर राहगीर महिला ने झाड़ियों की बीच से बॉक्स को निकाला। (पूरी खबर पढ़ें)

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