डिंडौरी जिले के शहपुरा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) में मंगलवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब जबलपुर के सुखसागर मेडिकल कॉलेज एंड अस्पताल के कर्मचारियों ने बिना किसी सरकारी अनुमति के स्वास्थ्य शिविर लगा दिया। पुलिस ने दो कर्मचारियों को हिरासत में लिया है और एसडीएम ने जांच के आदेश दिए हैं। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी बीएमओ डॉ. अंकित पटेल ने जब अस्पताल परिसर में अचानक मरीजों की असामान्य भीड़ देखी, तो उन्हें शक हुआ। पूछताछ करने पर पता चला कि निजी अस्पताल के कर्मचारी शिविर लगा रहे हैं। जब उनसे अनुमति के दस्तावेज मांगे गए, तो वे कुछ भी नहीं दिखा पाए। इसके बाद डॉ. पटेल ने तुरंत एसडीएम को इसकी सूचना दी। एसडीएम ऐश्वर्य वर्मा और थाना प्रभारी अनुराग जामदार ने मौके पर पहुंचकर कर्मचारी पवन यादव सहित दो लोगों को पूछताछ के लिए थाने भेजा। पूछताछ के बाद दोनों को छोड़ दिया गया है। नेताओं की फोटो का इस्तेमाल और मुनादी कराई शिविर के लिए बाकायदा एक दिन पहले बाजार में लाउडस्पीकर से मुनादी (घोषणा) करवाई गई थी। प्रचार के लिए इस्तेमाल किए गए पोस्टरों में मंडला सांसद फग्गन सिंह कुलस्ते, विधायक ओमप्रकाश धुर्वे और भाजपा जिलाध्यक्ष की तस्वीरों का इस्तेमाल किया गया था। इस बारे में विधायक ओमप्रकाश धुर्वे ने स्पष्ट किया कि उन्हें इस शिविर की कोई जानकारी नहीं है और उनके फोटो का गलत इस्तेमाल किया गया है। विधायक ने हाल ही में आयुष्मान कार्ड में हो रही गड़बड़ी की जांच की मांग भी की थी। आयुष्मान कार्ड के दुरुपयोग की आशंका शिविर में मोतियाबिंद, फ्रैक्चर और आंखों की गंभीर बीमारियों के इलाज का झांसा देकर मरीजों को बुलाया गया था। सभी से अनिवार्य रूप से आधार कार्ड और आयुष्मान कार्ड साथ लाने को कहा गया था। आशंका जताई जा रही है कि निजी अस्पताल आयुष्मान योजना के फंड का लाभ उठाने के लिए यह सब कर रहा था। एसडीएम ने मरीजों से अपील की है कि वे किसी भी निजी व्यक्ति को अपना आयुष्मान कार्ड न दें। प्रशासन नोटिस देने की तैयारी में एसडीएम ऐश्वर्य वर्मा ने बताया कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र प्रबंधन और सुखसागर अस्पताल दोनों को कारण बताओ नोटिस जारी किया जा रहा है कि बिना अनुमति सरकारी परिसर का उपयोग कैसे हुआ। इस पूरे मामले की रिपोर्ट कलेक्टर को सौंपी जाएगी ताकि दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जा सके।


