मकर संक्रांति पर्व को लेकर इस वर्ष रांची जिले में दूध और दही की मांग में उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई है। मंगलवार को विभिन्न डेयरी कंपनियों द्वारा जिले में दो लाख लीटर दूध और 50 हजार किलो दही की आपूर्ति की गई। डेयरी कंपनियों ने कहा कि बुधवार को भी वे इतना ही सप्लाई करेंगे। कहा कि इस वर्ष दूध-दही की सप्लाई पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 25 प्रतिशत अधिक है। डेयरी कंपनियों का कहना है कि अब रांची में भी बिहार की तरह मकर संक्रांति पर दही के सेवन की परंपरा तेजी से बढ़ रही है। सुधा डेयरी के मुख्य कार्यपालक राकेश कुमार ने बताया कि इस वर्ष मकर संक्रांति 14 और 15 जनवरी- दोनों दिन मनाई जा रही है, जिससे मांग सामान्य से अधिक बनी हुई है। मंगलवार को सुधा डेयरी ने रांची जिले में रिकॉर्ड 90 हजार लीटर से जयादा दूध और 10 हजार किलो दही की आपूर्ति की। वहीं, मेधा डेयरी के मार्केटिंग हेड अमृतेश कुमार के अनुसार शुद्ध और उच्च गुणवत्ता वाले डेयरी उत्पादों की बढ़ती लोकप्रियता के कारण इस वर्ष बिक्री उम्मीद से बेहतर रही है। मेधा डेयरी ने मंगलवार को रांची में एक लाख लीटर से अधिक दूध और 15 हजार किलो दही की सप्लाई की, जो पिछले साल की तुलना में 25 प्रतिशत ज्यादा है। तिलकुट पिछले साल से 15 प्रतिशत महंगे इधर तिलकुट बाजार में खूब रौनक है। देर शाम तक लोगों ने खरीदारी की। विभिन्न बाजारों में तिलकुट की दुकानों में भीड़ दिखी। तिलकुट के दाम पिछले साल करीब 15 प्रतिशत ज्यादा होने के बावजूद मकर संक्रांति पर्व में परंपरा का निर्वहन करने के लिए ग्राहकों ने खरीदारी की। दुकानदारों ने बताया कि ड्राइफ्रूट्स वाले तिलकुट और गजक की मांग भी खूब रही। अपर बाजार के तिलकुट विक्रेता ने कहा कि तिल महंगा है फिर भी बाजार में कम दाम के भी तिलकुट हैं। तिलकुट 200 रुपए किलो भी बिक रहा है। इनके दाम कम हैं, क्योंकि इसमें तिल कम और चीनी ज्यादा है। आम दिनों की तुलना में दोगुनी सप्लाई आम दिनों की तुलना में मकर संक्रांति के समय दोगुनी सप्लाई की जाती है। अमृतेश ने कहा कि रांची में प्रति दिन औसतन सवा लाख लीटर और 20 हजार किलो दही की सप्लाई की जाती है। मकर संक्राति पर 13 व 14 जनवरी को सभी दूध कंपनियों द्वारा करीब ढाई लाख लीटर दूध और 50 हजार किलो दही की सप्लाई की जाएगी।


