झारखंड हाईकोर्ट में मंगलवार को कोल फायर थर्मल पावर प्रोजेक्ट (सीएफटीपीपी) से जुड़े संस्थानों में कार्यरत मजदूरों के स्वास्थ्य और सुरक्षा से जुड़े मामले की सुनवाई हुई। चीफ जस्टिस एमएस सोनक और जस्टिस एसएन प्रसाद की अदालत में सुनवाई के दौरान रामगढ़ के एसपी ने इनलैंड पावर कंपनी के एक अधिकार को हाजिर कराया। कंपनी की ओर से अधिवक्ता ने जवाब दाखिल करने के लिए अदालत से समय देने की मांग की। अदालत ने इसे स्वीकार करते हुए जवाब दाखिल करने का अंतिम मौका दिया। इस दौरान धनबाद जिले की अंकुर बायोकेम कंपनी के अधिकारी भी अदालत में उपस्थित हुए। उन्होंने जवाब दाखिल नहीं किए जान पर क्षमा याचना की। उन्होंने भी जवाब देने के लिए समय मांगा। इसके अलावा जमशेदपुर नोटिफाइड एरिया से संबंधित कंपनी के अधिवक्ता ने भी अदालत में हाजिरी देते हुए जवाब दाखिल करने के लिए समय की मांग की। अदालत ने तीनों कंपनियों को अंतिम अवसर देते हुए जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया। अदालत ने मामले की अगली सुनवाई 9 फरवरी को निर्धारित की है। मालूम हो कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के आलोक में थर्मल पावर प्रोजेक्ट से जुड़े संस्थानों में कार्यरत मजदूरों के स्वास्थ्य और सुरक्षा के मामले पर हाईकोर्ट ने स्वत: संज्ञान लिया है।


