पुलिस की सख्ती हवा में उड़ी, शहर में खुलकर बिकी बैन चाइना डोर

शहर में चाइना डोर की बिक्री रोकने के लिए पुलिस द्वारा किए गए दावों की हवा निकल गई है। लोहड़ी के दिन भी शिमलापुरी, जनता नगर, बागी स्टैंड चौक, किताब मार्किट, जवाहर नगर कैंप, प्रेम नगर, कैलाश नगर समेत कई इलाकों में चाइना डोर खुलेआम बिकती रही। बाजारों में पहले 500 रुपये में मिलने वाली डोर अब लोहड़ी के दिन 700 से 1000 रुपये में बेची गई, जबकि कहीं-कहीं इसे 350 से 400 रुपये में भी खरीदा गया। भास्कर टीम ने शहर के विभिन्न इलाकों में जाकर डोर की बिक्री का खुलासा किया। मंगलवार को बड़ी ही चालाकी से डोर की बिक्री की गई। लोगों ने बाजारों से दूर रिहायशी इलाकों में डोर का स्टॉक रखवाया, जबकि कारिंदे बाजारों में दुकानों के पास खड़े रहे। जब कोई दुकानों पर डोर मांगता तो दुकानदार मना कर देता, लेकिन कारिंदे ग्राहकों को साथ लेकर जाकर डोर उपलब्ध कराते पाए गए। भास्कर रिपोर्टर ने भी ग्राहक बनकर दरेसी बाजार में जाकर डोर खरीदने की कोशिश की। कई दुकानों से पता करने के बाद जब डोर नहीं मिली तो एक व्यक्ति ने भास्कर टीम को किताब बाजार में ले जाकर डोर उपलब्ध कराने की बात कही, तब भास्कर रिपोर्टर कारिंदे के साथ गया और किताब बाजार में पंहुचा। जहां बाजार के काफी अंदर जाने के बाद एक दुकान पर चाइना डोर का काफी स्टॉक मिला। मोलभाव करते हुए भास्कर रिपोर्टर ने 350 रुपयों में डोर खरीद ली। लेकिन फिर रिपोर्टर ने कीमत ज्यादा होने की बात कहते हुए चाइना डोर दुकानदार को वापिस कर दी। जिसकी वीडियो भास्कर रिपोर्टर ने रिकॉर्ड कर ली। शहर में बैन चाइना डोर के इस्तेमाल से घायल हुए लोगों से संबंधित खबरें-पेज 6 पर पढ़ें रिपोर्टर: चाइना डोर चाहिए। कारिंदा: मिल जाएगी। रिपोर्टर: दुकानदार तो बोल रहे कि नहीं मिलती, तुम कहां से लेकर आए। कारिंदा: डोर लेनी है तो खरीदो, सवाल मत करो। रिपोर्टर: क्या रेट है। कारिंदा: आगे किताब बाजार की तरह जाओं, मैं पीछे आ रहा हूं। रिपोर्टर: रेट बता दे भाई, उसके हिसाब से ही लूंगा। कारिंदा: 500, 700, 1000 वाला कौन-सा चाहिए। रिपोर्टर: ठीक-ठाक दिखा दो। कारिंदा: लास्ट 500 रुपए का ही है। रिपोर्टर: महंगा है, कुछ कम कर दो। कारिंदा: अरे 380 की तो हमारी खरीद है, हमें भी कुछ कमाना है। रिपोर्टर: 300 रुपये दे दो, इतने रुपये नहीं दे सकता। कारिंदा: 350 आखिरी रेट है। बिक रही चाइना डोर भास्कर रिपोर्टर ने किताब बाजार से खरीदी डोर, 500 वाली 350 में बेची

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