पहाड़ों की रानी शिमला सबसे ठंडा माना जाता है, जहां लोग बर्फबारी का आनंद भी लेने पहुंचते हैं। लेकिन इस बार कुछ उलटा ही मौसम का रूप देखने को मिला है। इन दिनों जहां शिमला समेत ऊंची चोटियों पर बर्फबारी से माइनस में पारा पहुंच जाता है, वहां रात का पारा 8 डिग्री से अधिक चल रहा है, जबकि दिन का तापमान 13-14 डिग्री है। लेकिन लुधियाना में रातें इन दिनों शिमला से भी ज्यादा ठंडी हो चुकी हैं, क्योंकि पिछले तीन दिनों से लगातार तापमान में गिरावट आई है और ये मंगलवार को 20 तक दर्ज हुआ, जो सीजन की सबसे ठंडी रात गुजरी है। दो साल पहले 2021 में 13 जनवरी की रात भी न्यूनतम पारा 2 डिग्री रिकॉर्ड हुआ था। अगर पिछले कुछ सालों की बात करें तो जनवरी में पिछले 2011 से लेकर 2025 तक के रिकार्ड मुताबिक न्यूनतम पारा 2022 को छोड़कर 5 डिग्री से नीचे ही रिकार्ड हुआ है और साल 2020 में तो 0.3 डिग्री तक दर्ज हुआ था। 2025 जनवरी में तो लोहड़ी वाले दिन न्यूनतम पारा 9 डिग्री के करीब और दिन का पारा 20 डिग्री दर्ज हुआ। यानि ये कह सकते हैं कि इस बार जनवरी में लोहड़ी का पर्व ठिठुरन में रहा। क्योंकि मंगलवार को लोहड़ी वाले दिन दोपहर जाकर हल्की धूप निकली, लेकिन शाम 4 बजे फिर से कोहरा छाने लगा और शीत लहर ने बुरे हाल कर दिए। जानिए आगे कैसा रहेगा मौसम पाला जमने के आसार जस्सियां रोड पर सुबह 10 बजे बेहद कम विजिबिलिटी में गुजरते राहगीर। 20 तक लगातार शीत लहर और घना कोहरा छाएगा चेतावनी- 10 किमी की रफ्तार से चली बर्फीली हवा, आज भी रेड अलर्ट आईएमडी के अनुसार अभी इस कड़ाके की सर्दी राहत नहीं मिलेगी। मौसम विभाग ने भविष्यवाणी करते हुए ये बता दिया कि है कि बुधवार को भी कड़ाके की सर्दी रहेगी और रेड अलर्ट जारी किया गया है। मंगलवार को शीत लहर 10 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चली और इसी तरह आगे भी ये चलती रहेगी। मंगलवार को दिन का पारा सामान्य से 4 डिग्री और रात का पारा भी सामान्य से 3 डिग्री गिरावट में नजर आया है। जबकि अब सुबह के समय पाला जमने जैसा मौसम बन चुका है।


