भास्कर न्यूज | अमृतसर दिव्य ज्योति जागृति संस्थान द्वारा मानांवाला स्थित आश्रम में लोहड़ी का पर्व मनाया गया। इस अवसर पर साध्वी विरेशा भारती ने संबोधित करते हुए समाज को भ्रूण हत्या जैसी गंभीर समस्या के प्रति जागरूक किया। उन्होंने कहा कि भारत वह पवित्र भूमि है जहां युगों से नारी शक्ति की पूजा होती चली आ रही है। यहां बेटी को लक्ष्मी, सरस्वती और दुर्गा का स्वरूप माना गया है। परंतु आज यह महान परंपरा संकट में पड़ गई है। घरों के आंगनों की शोभा बनने वाली बेटियां आज जन्म से पहले ही मिटाई जा रही हैं। साध्वी जी ने कहा लोहड़ी की अग्नि में डाले जाने वाले तिल हमें यह सिखाते हैं कि जब जीवन में सच्चे गुरु का आगमन होता है, तो वे ब्रह्मज्ञान का वरदान प्रदान करते हैं। इस ज्ञान की अग्नि में मनुष्य अपने अवगुणों, विकारों और बुरे कर्मों को भस्म कर सकता है।


