भोपाल से बैरसिया में बीआरसीसी पद पर खुद की पोस्टिंग कराने के मामले में हुई गंभीर अनियमितता सामने आने के बाद कलेक्टर ने आदेश निरस्त कर दिया है। कलेक्टर ने संबंधित अधिकारी को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए पूरे मामले की जांच डीपीसी रवीश श्रीवास्तव को सौंपी है। जांच रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की जाएगी। दरअसल, 12 जनवरी को कलेक्टर एवं जिला मिशन संचालक के हस्ताक्षर से जारी आदेश में बालेंद्र सिंह को बीआरसी फंदा ग्रामीण और रामकिशन गुर्जर को बीआरसीसी बैरसिया पदस्थ किया गया था। साथ ही डॉ. रूपाली को डीपीसी कार्यालय में एपीसी पद पर अटैच किया गया था। लेकिन यह आदेश नियमों के अनुरूप नहीं पाए जाने पर 13 जनवरी को रद्द कर दिया गया। जांच में सामने आया कि रामकिशन गुर्जर ने खुद को बैरसिया बीआरसीसी पद पर पदस्थ कराने के लिए फाइल स्वयं पुटअप की, जबकि उन्हें ऐसा करने का अधिकार नहीं था। डीपीसी ने भी बिना जांच फाइल आगे बढ़ा दी। बाद में स्पष्ट हुआ कि गुर्जर न तो बीआरसीसी पद के लिए पात्र थे और न ही 2022 की मेरिट सूची में उनकी स्थिति ऊपर थी। इसके बावजूद फाइल आगे बढ़ाई गई, जिसे गंभीर प्रशासनिक अनियमितता माना गया।


