राज्य सरकार ने मंगलवार को 898.82 करोड़ लागत की तीन अहम सिंचाई प्रोजेक्ट को मंजूर दे दी है। मंगलवार को जल संसाधन विभाग की ओर से इन के प्रस्ताव कैबिनेट में रखे गए थे। इन के पूरा होने पर रायसेन व राजगढ़ जिले की तीन तहसीलों में 82 गांव की 31 हजार 740 हेक्टेयर जमीन में सिंचाई क्षमता का विकास होगा। इनमें रायसेन जिले की 386.22 करोड़ से बारना उदवहन (लिफ्ट) सिंचाई से बरेली तहसील के 36 गांव की 15 हजार हेक्टेयर जमीन में सिंचाई क्षमता बढ़ेगी। रायसेन में ही 115.99 करोड़ से सुल्तानपुर उदवहन सिंचाई प्रोजेक्ट से सुल्तानपुर तहसील के 20 गांव की 5700 हेक्टेयर जमीन सिंचित होगी। राजगढ़ में 396.21 करोड़ से मोहनपुरा विस्तारीकरण सिंचाई प्रोजेक्ट से सारंगपुर तहसील के 26 गांव की 11 हजार 40 हेक्टेयर जमीन सिंचित होगी। जल संसाधन विभाग एक साल के भीतर इन पर काम शुरू करेगा। दावा- मप्र स्पेसटेक नीति से सैटेलाइट निर्माण सेक्टर में आएगा 1 हजार करोड़ का निवेश मोहन कैबिनेट ने मप्र स्पेसटेक नीति 2026 को मंजूरी दे दी है। इस के लागू होने से उपग्रह निर्माण और स्पेस रिसर्च से जुड़े निवेशकों के मप्र में आने का द्वार खुलेगा। इसके साथ ही जियो स्पेसियल (भू-स्थानिक), जीपीएस व जीआईएस तकनीक पर रिसर्च और अन्य प्रोजेक्ट आ सकेंगे। सरकार की ओर से दावा किया गया है कि इस नीति के लागू होने पर मप्र में एक हजार करोड़ का निवेश आने और एक हजार लोगों के लिए रोजगार की संभावना पैदा होगी। सांदीपनि स्कूल : राज्य सरकार अगले पांच साल में 200 नए सांदीपनी विद्यालय (सीएम राइज स्कूल) खोलेगी। कैबिनेट ने सांदीपनि स्कूल योजना के दूसरे चरण में इन स्कूलों के लिए 3,660 करोड़ रुपए खर्च की मंजूरी दे दी है। इनमें से 90 विद्यालय जनजातीय आबादी बहुल विकासखंडों में खोले जाएंगे। इससे पहले तत्कालीन सीएम शिवराज सिंह चौहान के कार्यकाल में 275 सीएम राइज स्कूल (अब सांदीपनी) खोलने की मंजूरी दी गई थी।


