भाजपा छोड़ते ही पूर्व मंत्री मालवीया पर ACB की रेड:2 पेट्रोल पंप और बेटे के क्रशर प्लांट के दस्तावेज खंगाले

भाजपा छोड़कर कांग्रेस में वापस लौटे पूर्व मंत्री महेंद्रजीत सिंह मालवीया के तीन ठिकानों पर बांसवाड़ा में मंगलवार को एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) की टीम ने कार्रवाई की। जयपुर से आई एसीबी टीम ने कलिंजरा स्थित भैरवजी कृपा फिलिंग स्टेशन, बागीदौरा स्थित भैरवजी फिलिंग स्टेशन और एक क्रशर प्लांट पर छापेमारी कर दस्तावेजों की जांच-पड़ताल की। दोनों पेट्रोल पंप मालवीया के नाम पर दर्ज हैं, जबकि क्रशर प्लांट उनके बेटे प्रेमप्रताप सिंह के नाम बताया जा रहा है। मंगलवार सुबह तीन ठिकानों पर एक साथ रेड एसीबी टीम मंगलवार सुबह करीब 9 बजे जयपुर पासिंग कार से बागीदौरा स्थित पेट्रोल पंप पहुंची। उस समय मैनेजर रामगोविंद मौजूद नहीं थे, जिसके चलते टीम ने करीब एक घंटे तक इंतजार किया। बाद में टीम ने जरूरी दस्तावेज, जमीन के कागजात और लेन-देन से जुड़ी जानकारी जुटाई। इसके बाद एसीबी टीम क्रशर प्लांट पहुंची, जहां भी रिकॉर्ड की जांच की गई। दोपहर करीब 1 बजे टीम दोबारा बागीदौरा पेट्रोल पंप लौटी और मैनेजर रामगोविंद से विस्तृत पूछताछ की। रामगोविंद ने बताया कि वे पिछले 25 साल से यहां कार्यरत हैं। टीम ने सवाल किए कि जमीन किसकी है, पंप ठेके पर है या किराए पर, स्टाफ में कौन-कौन कार्यरत है और लेन-देन किस तरह होता है। इसके बाद टीम मैनेजर को साथ लेकर कलिंजरा स्थित पेट्रोल पंप पहुंची, जहां भी इसी तरह की पूछताछ और दस्तावेज जांच की गई। दोनों पेट्रोल पंपों पर करीब आधा-आधा घंटे तक टीम ने रिकॉर्ड खंगाले। सूचना मिलते ही पालोदा से लौटे मालवीया एसीबी की कार्रवाई की सूचना मिलने पर पूर्व मंत्री महेंद्रजीत सिंह मालवीया जयपुर जाने के लिए निकले थे, लेकिन पालोदा से वापस अपने आवास लौट आए। इस पर उन्होंने कहा- अगर मैं वापस नहीं आता तो लोग कहते कि मैं भाग गया। एसीबी की टीम ने मुझसे कोई पूछताछ नहीं की। यह दबाव बनाने की कार्रवाई है, ऐसा नहीं होना चाहिए। टीम की टाइमिंग पर उठे सवाल मालवीया के ठिकानों पर एसीबी की कार्रवाई की टाइमिंग को लेकर राजनीतिक हलकों में सवाल उठ रहे हैं। इसे उनके भाजपा छोड़ने के फैसले के बाद दबाव बनाने की रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है। माना जा रहा है कि एसीबी टीम सोमवार आधी रात को ही बांसवाड़ा पहुंच गई थी और नाहरपुरा स्थित मालवीया के आवास के आसपास रुकी थी, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है। पाला बदलने के बाद शुरू हुई सियासी हलचल गौरतलब है कि महेंद्रजीत सिंह मालवीया ने 23 महीने पहले कांग्रेस छोड़कर भाजपा जॉइन की थी। रविवार को जयपुर में कांग्रेस के शीर्ष नेताओं से मुलाकात के बाद उन्होंने भाजपा छोड़ने और कांग्रेस में वापसी का ऐलान किया था। इस दौरान उन्होंने कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा को पत्र सौंपकर दोबारा पार्टी में शामिल होने की इच्छा जताई थी। इसके महज 48 घंटे के भीतर ही उनके ठिकानों पर एसीबी की रेड हो गई। पंचायत राज चुनाव से पहले सियासी रणनीति मालवीया लोकसभा चुनाव हार चुके हैं और भाजपा में उन्हें कोई खास पद नहीं मिला। ऐसे में वे पंचायत राज चुनाव के जरिए वागड़ क्षेत्र में अपनी राजनीतिक जमीन मजबूत करने के लिए कांग्रेस में वापसी का मन बना चुके हैं। हालांकि, अब एसीबी की कार्रवाई को उनके इस फैसले से जोड़कर देखा जा रहा है। पहले भी हो चुकी है जांच एजेंसी की कार्रवाई मालवीया जब 19 फरवरी 2024 को कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हुए थे, उससे पहले कांग्रेस नेता दिनेश खोड़निया के ठिकानों पर ईडी की कार्रवाई हुई थी। उस समय मालवीया पर भी ईडी की कार्रवाई की चर्चाएं थीं। इसी वजह से माना जा रहा था कि संभावित जांच से बचने के लिए ही उन्होंने भाजपा जॉइन की थी।

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