मऊगंज जिले के हनुमना थाना क्षेत्र से एक गंभीर मामला सामने आया है। खूटा बेदौलिहान गांव के लगभग दो दर्जन ग्रामीण मंगलवार शाम पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचे। उन्होंने खुद पर दर्ज आपराधिक प्रकरण को फर्जी बताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की। ग्रामीणों का आरोप है कि राजनीतिक दबाव में उन्हें झूठे मुकदमे में फंसाया गया है, जबकि घटना से उनका कोई संबंध नहीं है। आवेदनकर्ताओं अनिल कुमार मिश्रा और पुष्पेन्द्र कुमार मिश्रा ने एसपी को सौंपे आवेदन में बताया कि 31 अक्टूबर को गांव में हुए एक विवाद के दौरान वे केवल शोर-शराबा सुनकर मौके के पास रुके थे। उनका कहना है कि इसी बीच रामबहोर पाठक नामक व्यक्ति ने उन्हें कोन गांव में हुई हत्या का हवाला देते हुए जान से मारने की धमकी दी। बाद में उनके खिलाफ थाना हनुमना में झूठी रिपोर्ट दर्ज करवा दी गई। ग्रामीणों ने बताया राजनीतिक दबाव ग्रामीणों का तर्क है कि जिस जमीन विवाद को आधार बनाकर यह रिपोर्ट दर्ज कराई गई है, उसमें उनका कोई सीधा विवाद नहीं था। इसके बावजूद, राजनीतिक दबाव के चलते पुलिस ने उनकी बात सुने बिना मामला दर्ज कर लिया। इस मामले में परमसुख तिवारी और गिरीश प्रसाद तिवारी नामक दो ग्रामीणों को गवाह बनाया गया था। हालांकि, बाद में दोनों ने तहसील हनुमना में 100 रुपए के स्टाम्प पर शपथ पत्र देकर स्पष्ट किया कि उन्होंने इस प्रकरण में कोई गवाही नहीं दी है और उनके नाम का गलत तरीके से इस्तेमाल किया गया है। जान से मारने की धमकी का आरोप ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि उन्हें जान से मारने की धमकियां दी जा रही हैं, ताकि वे मामले में समझौता करने को मजबूर हों। पीड़ितों ने पुलिस अधीक्षक से मांग की है कि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराई जाए और यदि आरोप झूठे पाए जाते हैं तो फर्जी मुकदमे में खात्मा लगाया जाए। शिकायत पर जांच जारी, तथ्यों के आधार पर होगी कार्रवाई एसपी कार्यालय में आवेदन देने के बाद ग्रामीणों को भरोसा दिलाया गया है कि मामले की जांच कर उचित कार्रवाई की जाएगी। एसडीओपी सचि पाठक ने बताया कि झूठा मामला दर्ज करने की शिकायत प्राप्त हुई है। उन्होंने कहा कि मामला पंजीबद्ध है और इसकी विवेचना की जा रही है। विवेचना के उपरांत जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके अनुरूप वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।


