राजस्थान के पोकरण में गोवंश की हत्या को लेकर विवाद जारी है। भाजपा नेताओं का कहना है कि पोकरण और जैसलमेर को पाकिस्तान नहीं बनने देंगे। इस बीच कांग्रेस ने भी पलटवार किया है। मध्यप्रदेश कांग्रेस प्रभारी और बायतु विधायक हरीश चौधरी का कहना है- पोकरण में गलत शब्दों का इस्तेमाल किया जा रहा है। जबकि भोपाल (मध्यप्रदेश) में भी जब ऐसा ही विवाद हुआ तो जांच में गाय का मांस पाया गया। लेकिन वहां बीजेपी ने कोई विवाद नहीं किया। क्या भाजपा भोपाल में गोवंश का मांस मिलने के बाद मेयर, मुख्यमंत्री को संगठन से बाहर निकालेगी? पोकरण गोहत्या का आरोपी भी बीजेपी नेता है। बीजेपी संगठन के माध्यम से संस्कार देने की बात करती है। क्या इसी तरीके के संस्कार देती है? बीजेपी की कथनी और करनी में अंतर है। यह इस पूरे घटनाक्रम में साफ दिख रहा है। चौधरी का दावा है कि आखिर में इन पूरे मामलों की जड़ बीजेपी से जुड़े लोगों तक क्यूं मिलती है? पशुओं के मांस का कारोबार करने वालों ने सबसे ज्यादा चंदा बीजेपी को दिया है। इसकी गहराई में जाना चाहिए। मध्य प्रदेश और राजस्थान में गोमांस को लेकर मुद्दे के बीच हरीश चौधरी ने भास्कर डिजिटल से खास बातचीत कीं। पढ़िए- पूरा इंटरव्यू सवाल- क्या गाय पर राजनीति होने के पीछे खास वजह है?
जवाब- इस थार में हम लोग खेती से ज्यादा पशुपालन पर निर्भर है। चाहे वो हिंदु हो, या मुसलमान हो, किसी धर्म और जाति का हो। हम गाय को मां के सामान मानते है। पर दुर्भाग्य है पोकरण में एक मामला हुआ। गाय या बैल का मांस मिला। और उसकी जांच के दरम्यान सिर्फ भावनात्मक आधार के ऊपर विवाद करने की मंशा पोकरण जाना और गलत शब्दों का इस्तेमाल करना। थार का कोई भी व्यक्ति, जो घटित हुआ है उसे सही नहीं कहता है। किसी धर्म या जाति के आधार पर किसी को गलत सिद्ध करने की मंशा से प्रयास करो तो अलग बात है। यह देश में हो क्यूं हो रहा है। गहराई से हम आकलन करें तो कई बातें समझ में आएगी। मध्यप्रदेश के भोपाल में नगर निगम में बोर्ड, मेयर, एमएलए, एमपी, राज्य और केंद्र सरकार बीजेपी की है। वहां पर पशु के मांस की जांच होती है, तो गाय का मांस पाया जाता है। वहां पर आप किसी को भावनात्मक तौर पर किसी की भावना को भड़का नहीं सकते हो। वहां बीजेपी ने कोई विवाद नहीं किया। किसी भी स्तर पर वहां पर किसी ने कुछ भी नहीं किया। आखिर में इस पूरे मामलों की जड़ बीजेपी से जुड़े लोगों तक क्यूं मिलती है। पशुओं के मांस का कारोबार करने वालों ने सबसे ज्यादा चंदा बीजेपी को दिया। जिला बालोतरा के पचपदरा थाना इलाके के दूदवा मामले में कोई नहीं नहीं गया। वहां पर कितनी गायें या बैल खत्म हुए। गायों को हम मां नहीं मानते है। इस तरह के शब्दों का इस्तेमाल वहां पर हुआ। क्या आपके पिता काट रहे थे। गाय के संपर्क में अम्मा और अब्बा जैसे शब्दों का प्रयोग किया गया है। पोकरण मामले में गलत शब्दों का इस्तेमाल किया जा रहा हैं। दूदवा मामले में किसी ने कोई बात नहीं की। पड़ोसी विधानसभा होने के नाते हमने कोई भी जातीय टकराव की बात नहीं की। बिल्कुल बायतु के नजदीक का गांव है। हमसे में किसी ने वहां पर जाकर कोई विवाद नहीं किया। किस जाति का है और किस धर्म का है। गलत कृत्य करने वाले व्यक्ति के कोई धर्म या जाति नहीं होती है। यह हम लोगों की परंपरा रही है। गलत और दोषी है उनके खिलाफ कार्रवाई की जाए। मामले में एफआईआर दर्ज हुई है, पुलिस अपना काम कर रही है। हमने कोई विवाद नहीं किया। यह (बीजेपी) लगातार विवाद कर रहे हैं। डागरी मामले में विवाद किया। सच्चाई कोई भी वहां जाकर पता कर लें। गलत भावनात्मक बात करके या गलत शब्दों का प्रयोग करके थार की अपनायत पर प्रहार कर रहे है। यह बिल्कुल मंजूर नहीं है। मैं इसकी निंदा करता हूं।
सवाल- पोकरण में एक मस्जिद को भी गिराया, उसका पूर्व मंत्री साले मोहम्मद ने विरोध किया, आप क्या मानते हैं?
जवाब- धर्म के आधार पर इस तरह का काम करते हो, स्वीकार्य नहीं है। हमारे यहां पर क्या श्मशान सब सही राजस्व रिकॉर्ड के आधार पर है। मंदिर भी राजस्व के हिसाब से है। लंबे चौड़े भाषण (पोकरण विधायक महंत प्रतापपुरी) दे रहे थे, मैं जहां पर बैठा हूं, वहां से सामने दिख रहा है। उन्होंने निर्माण किया है। क्या तालाब पर निर्माण करने की उनके पास कानूनन तौर पर नियमों में प्रावधान है। पर विवाद किसी ने नहीं किया। इस तरह की भावना भड़का कर उसकी आड़ में आप कब्रिस्तान की दीवार ढहा रहे हो। यह मानवता नहीं है। सवाल- भाजपा नेता का कहना है कि हम पोकरण और जैसलमेर को पाकिस्तान नहीं बनने देंगे?
जवाब- जैसलमेर और पोकरण न तो पाकिस्तान है और न ही होगा। यह भारत का अभिन्न हिस्सा था और रहेगा। कोई भी दुनिया की ताकत, जो व्यक्ति कह रहा है कि वो छोड़ो, इसको भारत से अलग नहीं कर सकती है। सिर्फ विवाद करने के लिए गलत भाषा का उपयोग करने के लिए इस तरीके की बातें कर रहे है। वो निदंनीय है। कौन पाकिस्तान बना रहा है। यह लोग जो मुस्लिम समाज के बारे में कह रहे हो, स्वेच्छा से जब हिंदुस्तान और पाकिस्तान अलग हुआ, तब इनके परिवार के लोगों ने निर्णय लिया कि हम भारत में रहेंगे। इनके परिवार के लोग यहां पर रहने के लिए सहमत नहीं थे, वो पाकिस्तान चले गए। एक परिवार में दो सगे भाई हिंदुस्तान में रहना है वो यहां पर रहे है। जिनको नहीं रहने था वो पाकिस्तान चले गए। भड़काने के लिए बहुत बातें कर देते है। सवाल- पोकरण विधायक कहना है कि मुझे पोकरण की जनता ने बुलाया है वो ही काम करूंगा
जवाब- पोकरण की जनता ने प्रतिनिधित्व करने के लिए बुलाया है। संविधान व्यवस्था है, उसमें विधायक का जो कर्तव्य है। उनको निभाने के लिए पोकरण के मतदाताओं को मत देकर उनको जीताया है। मेरा अनुरोध है कि लोकतंत्र में जिस कार्य के लिए जनता ने विधायक बनाया है, उसको आप पवित्र ढंग से करों। आप पोकरण पूरे विधानसभा के विधायक हो। लोकतंत्र में जो मत देते हो उनके विधायक नहीं हो। ऐसी व्यवस्था नहीं है। पोकरण और राजस्थान का भला कैसे हो उसमें आप जो योगदान कर सकते हो वो काम करों। विवादों के माध्यम से विधायक कार्यकाल अगर पूरा करना चाहते हो यह संवैधानिक और लोकतांत्रिक दायित्व है। उसे पूरा नहीं कर रहे हो। सवाल- बीजेपी कार्यकर्ता पोकरण विधायक को बुलडोजर बाबा बोल रहे है, क्या मानते है?
जवाब – सृजन करना मुश्किल है, विवाद करना आसान है। जेजेएम की जो व्यवस्था है, वो पूरी तरीके से चरमरा गई है। उसका समाधान कैसे हो, बिजली, शिक्षा के क्या हालात और स्थिर है। इनके संदर्भ में बात करनी चाहिए। इसके संदर्भ में योगदान हो वो करना चाहिए। सवाल- बाड़मेर बीजेपी नेता जैसलमेर में घटनाएं होने पर वहां क्यूं पहुंच जाते है?
जवाब- यहां के नेता जैसलमेर से अपनायत नहीं रखते है। जैसलमेर में केवल विवाद करने के लिए जाते है। इनका रिश्ता दिल से जैसलमेर के लिए नहीं है। इतनी प्यारी जगह, प्यारे लोग है। वैचारिक तौर पर कोई बीजेपी, कांग्रेस या किसी और दल से जुड़ा होगा। पर जैसलमेर की परंपरा है इससे बेहतरीन लोग इस दुनिया में नहीं मिलेंगे। एक अपनापन है। रिश्ते के आधार पर नहीं जाते है। अपना निजी लक्ष्य हासिल करने के लिए जैसलमेर जाते है। जैसलमेर के भले के लिए नहीं जाते है। सवाल- पोकरण गो हत्या के पीछे बीजेपी कार्यकर्ता और नेता हीं निकला
जवाब- मैं केवल पोकरण के घटनाक्रम की बात नहीं कर रहा हूं। खुद बीजेपी के पदाधिकारी से कार्य कौन करवा रहा है। कहां से ट्रेनिंग मिल रही है। विवाद करने के लिए राजनीति मुद्दा बना रहे है। भोपाल मामले में भी भारतीय जनता पार्टी के लोग ही है। पोकरण में बीजेपी के लोग है। यह तो इतनी चर्चा में आया सही जांच हो गई, नहीं तो इसमें किसी को भी दोषी ठहराकर, किसी व्यक्ति के धर्म के आधार पर कुछ भी करवा दो। हमारे देश में मॉब लिंचिंग हुई है। सिर्फ धर्म के आधार पर संदिग्ध व्यक्ति के साथ हुई है। पोकरण मामले में तो हमारे सामने नाम आ गया। बीजेपी से पार्षद और पदाधिकारी रहा है। बीजेपी संगठन के माध्यम से संस्कार देने की बात करती है। क्या इस तरीके के संस्कार है। जो करना बिल्कुल ही अलग है। दुनिया में कुछ और बताना। बीजेपी की कथनी और करनी में अंतर है। इस पूरे घटनाक्रम में नजर आ रहा है। सवाल- पोकरण विधायक का कहना है कि गिरफ्तार बीजेपी कार्यकर्ता के खिलाफ संगठन कार्रवाई करेगा, क्या लगता हैं?
जवाब- पोकरण विधायक से कहना चाहता हूं जो भोपाल के अंदर हुआ है क्या उस मेहर के खिलाफ बीजेपी ने कोई कार्रवाई करेगी। मध्यप्रदेश मुख्यमंत्री को बीजेपी से निकालोंगे। मेयर को निकालोगे। मेरा यह सवाल है। पचपदरा दूदवा के अंदर गाय की मौत हुई है थी। उस समय वो कहां पर थे। उनकी आत्मा गाय के प्रति इतना प्रेम आज उमड़ रहा है। उस दिन वहां पर क्यूं नहीं आए। आपको दूदवा आने के लिए किसने रोका। इससे खुद का इस विषय आपके दिल का जुड़ाव और किसी और मंशा पर बहुत बड़ा प्रश्न खड़ा होता है।


