छिंदवाड़ा भारतीय जनता पार्टी में पिछले दिनों ‘भैया में भैया’ नारे को लेकर हुए विवाद पर पार्टी आलाकमान ने सख्त रुख अपनाया है। इस मामले में भाजपा जिलाध्यक्ष शेषराव यादव को भोपाल तलब किया गया, जहां छिंदवाड़ा सांसद विवेक बंटी साहू भी मौजूद थे। बैठक के दौरान भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल और संगठन महामंत्री हितानंद शर्मा ने जिलाध्यक्ष को कड़ी फटकार लगाई और स्पष्ट कहा कि इस तरह की सार्वजनिक बयानबाजी पार्टी के लिए उचित नहीं है। आलाकमान ने जिलाध्यक्ष से इस पूरे प्रकरण पर स्पष्टीकरण भी मांगा है। सूत्रों के मुताबिक, पार्टी आलाकमान ने दोनों नेताओं को साथ बैठाकर संगठन और सत्ता के बीच बेहतर तालमेल के साथ काम करने की समझाइश दी है। आलाकमान ने नाराजगी जताते हुए कहा कि आपसी बयानबाजी से पार्टी को राजनीतिक नुकसान पहुंचा है और विपक्ष को मुद्दा मिला है। बैठक में साफ कर दिया गया है कि किसी भी नेता को एक-दूसरे के खिलाफ सार्वजनिक टिप्पणी नहीं करनी चाहिए। मंच से दिया गया वह बयान, जो बना विवाद की जड़ विवाद की शुरुआत कुछ दिन पहले एक कार्यक्रम के दौरान हुई थी। भाजपा जिलाध्यक्ष शेषराव यादव ने मंच से ‘भैया में भैया’ वाले नारे पर आपत्ति जताते हुए टिप्पणी की थी। उन्होंने कहा था, “आदमी इतना चढ़ जाता है कि अंतिम समय में चार लोग भी नहीं मिलते।” इस बयान के बाद भाजपा के ही कुछ नेताओं ने आलाकमान तक इसकी शिकायत की थी। भोपाल से दिल्ली तक मचा था हड़कंप जिलाध्यक्ष का यह बयान सोशल मीडिया के जरिए भोपाल से लेकर दिल्ली तक सुर्खियों में रहा। कांग्रेस नेताओं ने भी इस मुद्दे को जमकर उछाला, जिससे पार्टी की किरकिरी हुई। मामला बढ़ने पर आलाकमान ने वरिष्ठ नेताओं से चर्चा कर स्थिति की समीक्षा की। लंबे समय से चल रही है गुटबाजी भाजपा में संगठन और सत्ता के बीच गुटबाजी का यह विवाद लंबे समय से चला आ रहा है। बढ़ती खाई के कारण आम कार्यकर्ता और नेता भी असमंजस की स्थिति में थे। नारे से जुड़ा यह मामला सामने आने के बाद अंदरूनी कलह खुलकर सार्वजनिक हो गई, जिसके चलते आलाकमान को हस्तक्षेप करना पड़ा। फिलहाल विवाद को शांत करा दिया गया है।


