विरासत-ए-भोपाल मंच ने भोपाल के इकबाल मैदान पर लागू धारा 144 हटाने की मांग की है। रविवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर मंच की ओर से कहा गया कि सांस्कृतिक और सामाजिक गतिविधियों के लिए इकबाल मैदान को खोला जाए। सदस्यों की मानें, तो इकबाल मैदान भोपाल की सांस्कृतिक धरोहर का महत्वपूर्ण हिस्सा रहा है। इस मैदान का इस्तेमाल सामाजिक और सांस्कृतिक आयोजनों के लिए किया जाना चाहिए। बता दें, करीब चार साल से इकबाल मैदान में कोई कार्यक्रम नहीं किया गया है। यहां पर कई तरह के सांस्कृतिक और राजनैतिक कार्यक्रम लगातार होते थे। कार्यक्रम में मौजूद शैलेंद्र शैली ने कहा, ‘चार साल से धारा 144 लगी है, जबकि कानूनन इस धारा को 3 महीने से अधिक समय तक स्थायी रूप से नहीं लगाया जा सकता है। भोपाल कलेक्टर और प्रशासन भारत के संवैधानिक मूल्यों के खिलाफ काम कर रहे हैं।’ जल्द सीएम से मुलाकात करेंगे
विरासत-ए-भोपाल मंच से मोहसिन ने बताया कि इकबाल मैदान भोपाल के अंदर एकता का प्रतीक है। 20 अक्टूबर 2020 से एक बार मैदान को परमानेंट 144 लगाकर बंद कर दिया गया। जैसा कि हम जानते हैं कि 144 परमानेंट किसी जगह के ऊपर नहीं लगाई जा सकती। इकबाल मैदान गंगा-जमुनी तहजीब को दिखाने वाली जगह है। जल्द ही हम इसको लेकर सीएम के अलावा कलेक्टर भोपाल से भी मिलेंगे और उन्हें ज्ञापन देंगे।


