जबलपुर में रविवार को वेयर हाउस संचालकों की एक बैठक आयोजित हुई। जिसमें निर्णय लिया कि रविवार से ही गोदाम में धान के भंडारण का काम शुरू कर दिया जाएगा। वेयर हाउस संगठन के सदस्य जब तक भंडारण की प्रक्रिया शुरू नहीं करेंगे, तब तक किसानों का हैंडलिंग चालान नहीं बनेगा। ऐसे में किसानों की समस्याओं को देखते हुए गोदाम में धान रखे जाने का कार्य शुरू कर दिया है। वेयर हाउस संगठन के अध्यक्ष सुशील शर्मा ने बताया- सभी संचालकों ने किसानों के हित को देखते हुए धान को गोदामों में रखे जाने का निर्णय लिया है। हम पहले ही चाबियां जिला प्रशासन को सौंप चुके हैं। प्रशासनिक प्रक्रिया में पूरी तरह से सहयोग भी कर रहे हैं। हमारी मांगे अभी पूरी नहीं हुई है, इसके बाद भी किसानों की समस्याओं को देखते हुए यह निर्णय लिया है। कलेक्टर ने निकाला था आदेश 2 दिन पूर्व ही कलेक्टर ने एक आदेश निकाला था। जिसमें उन्होंने स्पष्ट किया था कि धान उपार्जन की प्रक्रिया में किसी भी तरह का व्यवधान उत्पन्न करने और प्रक्रिया में सहयोग नहीं करने वालों पर कार्रवाई की जाएगी। हालांकि, गोदाम मालिकों का कहना है कि पिछले दिनों हुई बैठक में कलेक्टर दीपक सक्सेना ने स्पष्ट आश्वासन दिया था कि वेयरहाउस संचालकों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज करने से पहले संगठन से बात की जाएगी, ऐसे में उन्हें कार्यवाही का भय नहीं है। 86 वेयर हाउस में होना है उपार्जन और भंडारण जिले में 86 वेयर हाउसों में भंडारण और उपार्जन की प्रक्रिया संपन्न की जानी थी जिसमें से 11 शासकीय वेयर हाउस है और और शेष निजी गोदाम हैं इनमें से 68 गोदाम में धान खरीदी एवं भंडारण का काम नहीं हो रहा था लेकिन रविवार को हुई वेयर हाउस संगठन की बैठक के बाद अब इनमें भी भंडारण, उपार्जन का काम शुरू कर दिया गया है।


