ग्वालियर के विशेष सत्र न्यायालय ने एक अहम फैसले में ईओडब्ल्यू (आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ) के एक मामले में जब्त किए गए पांच लाख रुपए फरियादी को वापस देने का आदेश दिया है। कोर्ट ने कहा कि अगर फरियादी सशर्त सुपुर्दगी बांड पेश करता है, तो बैंक खाते में जमा यह पैसा उसे लौटाया जा सकता है। अदालत ने यह भी कहा कि इस रकम से जुड़े सभी जरूरी साक्ष्य पहले ही सुरक्षित कर लिए गए हैं। इसलिए अब इसे भौतिक रूप से साक्ष्य के तौर पर रखने की जरूरत नहीं है। यह मामला 2020 का है, जब ईओडब्ल्यू ने नगर निगम के तत्कालीन सिटी प्लानर प्रदीप वर्मा को रंगे हाथों रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया था। उन्हें दो-दो हजार रुपए के 250 नोट के साथ पकड़ा गया था, जिनकी कुल कीमत पांच लाख रुपए थी। बरामद रकम का पंचनामा तैयार किया गया, उसकी फोटोकॉपी बनाई गई और अन्य जरूरी विवरण दर्ज किए गए। इसके बाद अदालत के आदेश पर यह पैसा बैंक के सरकारी खाते में जमा किया गया था। अब कोर्ट ने निर्देश दिए हैं कि सुपुर्दगी बांड मिलने के बाद रिफंड वाउचर जारी कर पांच लाख रुपए फरियादी को वापस किए जाएं।


