मकर संक्रांति के अवसर पर भले ही इस बार आसमान में पतंगों की रौनक कम दिखाई दी, लेकिन शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में दान-पुण्य का उत्साह पूरे शबाब पर नजर आया। गोशालाओं में दान देने वालों की भारी भीड़ उमड़ी, वहीं लोग जरूरतमंदों को कंबल और शॉल वितरित करते भी दिखाई दिए। त्योहार के मौके पर बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक में खासा उत्साह देखने को मिला। हालांकि बाजारों में अपेक्षाकृत कम चहल-पहल रही, लेकिन गुप्त दान और धार्मिक कार्यों में लोगों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। अलवर के तुलेड़ा क्षेत्र में सदर थाना एसएचओ बडेसरा ने ग्रामीण क्षेत्र के स्कूली बच्चों को पेन और कॉपियां वितरित कर शिक्षा के प्रति जागरूकता का संदेश दिया। मकर संक्रांति पर गोशालाओं में विशेष रूप से गायों के लिए हरा चारा, गुड़ और अन्य सामग्री का दान किया गया। अलवर की तेज मंडी के पास स्थित वर्ष 1904 से स्थापित सार्वजनिक गोशाला में सुबह से ही श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। गोशाला में अब तक करीब 30 क्विंटल से अधिक गुड़ व हरा चारा दान किया जा चुका है, वहीं नकद चंदा भी 12 लाख रुपये से अधिक पहुंच गया है। सार्वजनिक गोशाला के अध्यक्ष अजय अग्रवाल ने बताया कि सुबह चार बजे से ही लोग गायों के लिए चारा और अन्य सामग्री लेकर पहुंच रहे हैं। कई श्रद्धालु अपने हाथों से गायों को गुड़ और चारा खिलाकर पुण्य अर्जित कर रहे हैं, जबकि कुछ लोग सामग्री गोशाला में जमा करवा रहे हैं ताकि उसे आगे उपयोग में लिया जा सके। उन्होंने यह भी बताया कि गायों को अधिक मात्रा में गुड़ खिलाना नुकसानदायक हो सकता है, इसलिए लोगों से संतुलन बनाए रखने की अपील की जा रही है।


