बैतूल जिले की ग्राम पंचायत बोरपेंड में एक ही ट्रांसफार्मर से करीब 280 मकानों सहित दो आटा चक्कियों, दो ट्यूबवेलों और अन्य यंत्रों को बिजली आपूर्ति की जा रही है। पुराने ट्रांसफार्मर और जर्जर केबल के कारण ग्रामीण दहशत में हैं। ग्रामीणों ने इस संबंध में कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा है। ग्रामीणों के अनुसार, अत्यधिक लोड के कारण बिजली केबल बार-बार जल जाती है। बिजली विभाग के कर्मचारी इसे प्रतिदिन ठीक करते हैं, लेकिन अगले ही दिन यह फिर से खराब हो जाती है। कई बार जली हुई केबल मकानों और खेतों में गिर चुकी है, जिससे दुर्घटना का खतरा बना रहता है। ग्राम सरपंच रामकिशन नागले ने बताया कि पूरे गांव की बिजली व्यवस्था एक ही डीपी (डिस्ट्रीब्यूशन पॉइंट) से संचालित हो रही है। इसी लाइन से कई ग्रामीण अपने पंप भी चलाते हैं, जिससे ट्रांसफार्मर पर लोड और बढ़ जाता है। इस गंभीर स्थिति के कारण स्कूल, अस्पताल, पंचायत भवन और आंगनवाड़ी जैसे महत्वपूर्ण संस्थानों में भी बिजली आपूर्ति बार-बार बाधित होती है। ग्रामीणों का आरोप है कि बिजली विभाग इस समस्या को ओवरलोड बताकर पल्ला झाड़ रहा है। उनका कहना है कि लगभग 2000 की आबादी वाले गांव को एक ही ट्रांसफार्मर से बिजली दी जा रही है, जिससे किसी भी समय बड़ी दुर्घटना होने की आशंका बनी रहती है। इस समस्या के समाधान के लिए ग्रामीणों ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर कलेक्टर के नाम एक ज्ञापन सौंपा। उन्होंने मांग की है कि गांव में तत्काल नया ट्रांसफार्मर और सुरक्षित केबल लगाई जाए, ताकि भविष्य में किसी भी बड़ी दुर्घटना को टाला जा सके।


