मंडला में मकर संक्रांति के अवसर पर नर्मदा कुंभ स्थल पर एक पारंपरिक खेल महोत्सव का आयोजन किया गया। जिला प्रशासन द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। महोत्सव में कलेक्टर, जिला पंचायत अध्यक्ष और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सहित जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों ने हिस्सा लिया। उन्होंने पतंगबाजी, गिल्ली-डंडा और रस्साकसी जैसे पारंपरिक खेलों में भाग लिया। प्रशासन और मीडिया टीम के बीच हुई रस्साकसी प्रतियोगिता दर्शकों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रही। कलेक्टर ने बताया कि आनंदम संस्थान और जिला प्रशासन ने आनंद उत्सव के तहत गिल्ली-डंडा, पतंगबाजी और रस्साकसी जैसी पारंपरिक खेल प्रतियोगिताएं आयोजित की थीं। इसमें जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और मीडियाकर्मियों ने भाग लिया, जो सभी के लिए आनंद का क्षण रहा। नगर पालिका अध्यक्ष ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि आज की भागदौड़ भरी जिंदगी और तकनीक के बढ़ते प्रभाव के कारण युवा अपनी जड़ों से दूर हो रहे हैं। उन्होंने चिंता व्यक्त की कि युवा अपना अधिकांश समय मोबाइल और गैजेट्स में बिता रहे हैं, जिससे पारंपरिक खेल लुप्त हो रहे हैं। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य युवाओं को शारीरिक गतिविधियों के प्रति प्रेरित करना और उन्हें अपनी संस्कृति से जोड़ना है। उन्होंने आगे कहा कि पारंपरिक खेल न केवल मनोरंजन प्रदान करते हैं, बल्कि शारीरिक स्वास्थ्य, मानसिक तंदुरुस्ती और आपसी भाईचारे को भी मजबूत करते हैं। उन्होंने युवाओं से मैदानी और पारंपरिक खेलों को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाने का आह्वान किया। इस खेल महोत्सव ने मकर संक्रांति के उत्सव को और अधिक मनोरंजक बना दिया। साथ ही, इसने समाज को अपनी सांस्कृतिक विरासत और स्वस्थ जीवनशैली के प्रति जागरूक करने का सशक्त संदेश भी दिया।


