इंदौर में सज्जन सिंह वर्मा ने दिया धरना:मणिकर्णिका घाट के एक हिस्से को ध्वस्त करने मामले में किया प्रदर्शन

वाराणसी (काशी) में लोकमाता देवी अहिल्याबाई होलकर द्वारा निर्मित ऐतिहासिक मणिकर्णिका घाट के एक हिस्से को ध्वस्त करने से पूरे देश के साथ-साथ इंदौर में भयंकर जनाक्रोश पैदा कर दिया है। इंदौर शहर कांग्रेस के नेतृत्व में आज राजबाड़ा स्थित देवी अहिल्या प्रतिमा के समक्ष विशाल मौन धरना आयोजित किया गया। कांग्रेस द्वारा आयोजित मौन धरने मे मध्यप्रदेश शासन के पूर्व मंत्री एवं कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सज्जन सिंह वर्मा ने इस घटना पर कहा कि यह भाजपा सरकार का सनातन आस्था पर सीधा और घिनौना प्रहार है। सज्जन सिंह वर्मा ने कहा कि लोकमाता देवी अहिल्याबाई होलकर की बनाई मणिकर्णिका घाट को ध्वस्त करना उसी कड़ी का हिस्सा है, जब नरेंद्र मोदी की काशी विश्वनाथ कॉरिडोर परियोजना के नाम पर बनारस में सैकड़ों प्राचीन मंदिरों को रातोंरात जमींदोज कर दिया गया। काशी विश्वाथ मंदिर के पास, संकट मोचन क्षेत्र के प्राचीन शिवलिंग और अन्य सनातन धरोहरों को बुलडोजर से नेस्तनाबूद करने वाली यह हिंदू-विरोधी सरकार अब होलकर साम्राज्य की अमर विरासत पर भी कुल्हाड़ी चला रही है। मां अहिल्या की नगरी में गहरा आक्रोश है, अफसोस घटना के विरोध मे भाजपा के एक भी जनप्रतिनिधि का विरोध सामने नहीं आया। हम मांग करते हैं कि इस बर्बर कार्रवाई पर तत्काल रोक लगे, दोषी अफसरों और नेताओं पर देशद्रोह का मुकदमा दर्ज हो, और देवी अहिल्या की धरोहर का पूर्ण संरक्षण सुनिश्चित किया जाए। कांग्रेस इस लड़ाई को अंतिम सांस तक लड़ेगी भाजपा को सनातन के नाम पर अब और जुल्म की इजाजत नहीं ! घिनौना अपमान अत्यंत पीड़ादायक
शहर कांग्रेस अध्यक्ष चिंटू चौकसे ने कहा अहिल्याबाई होलकर के त्रिशताब्दी वर्ष के समापन पर उनकी विरासत का ऐसा घिनौना अपमान अत्यंत पीड़ादायक है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, जो स्वयं वाराणसी से सांसद हैं, काशी विश्वनाथ कॉरिडोर के नाम पर बनारस की प्राचीन संस्कृति, मंदिर परंपरा और सनातन धरोहर को लगातार कुचल रहे हैं। मणिकर्णिका घाट को तोड़ा जाना भाजपा का हिंदू संस्कृति और सनातन आस्था पर सीधा प्रहार है।
मध्यप्रदेश कांग्रेस प्रदेश प्रवक्ता अमित चौरसिया ने बताया कि इंदौर शहर कांग्रेस ने प्रधानमंत्री एवं वाराणसी प्रशासन से इस कार्रवाई पर तत्काल रोक लगाने, दोषियों पर कड़ी कार्रवाई करने तथा ऐतिहासिक धरोहर के संरक्षण की ठोस गारंटी देने की मांग की है। कांग्रेस इस अन्याय के खिलाफ सड़कों से लेकर संसद तक डटकर संघर्ष करेगी और जब तक काशी की विरासत की रक्षा सुनिश्चित नहीं होती, तब तक आंदोलन नहीं थमेगा । ये खबर भी पढ़ें… वाराणसी में देवी अहिल्या की विरासत जमींदोज 254 साल पहले 1771 में देवी अहिल्या द्वारा वाराणसी में निर्मित मणिकर्णिका घाट के एक हिस्से को जमींदोज कर दिया गया है। यहां श्मशान घाट बनाए जाने के प्रोजेक्ट के चलते इसे तोड़ा गया है। इसे लेकर देवी अहिल्या के वंशज और समाज के लोगों में नाराजगी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इसी क्षेत्र से सांसद हैं और उन्होंने 2023 में इसका भूमिपूजन किया था। यहां 18 करोड़ रुपए से विकास कार्य किये जाना है।पूरी खबर पढ़ें

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