आदिवासी गर्ल्स हॉस्टल में 9 की छात्रा ने लगाई फांसी:स्टोर रूम की खिड़की से फंदे पर मिला शव; पिता बोले- हॉस्टल अधीक्षक की लापरवाही से मौत

बड़वानी में 9वीं की छात्रा ने हॉस्टल में सुसाइड कर लिया। छात्रा ने हॉस्टल के स्टोर रूम की खिड़की की जाली पर उसका शव फंदे पर लटका मिला है। घटनास्थल पर सुसाइड नोट भी नहीं मिला है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। घटना मंगलवार रात निवाली के जनजातीय कार्य विभाग के एकलव्य आदिवासी गर्ल्स हॉस्टल की है। छात्रा इस हॉस्टल में रहकर पढ़ रही थी। मौजूद छात्राओं ने बताया कि रात करीब 9:30 बजे साथी छात्रा को फंदे पर देखा, तो अधीक्षिका को सूचना दी। सूचना के बाद पानसेमल एसडीएम, निवाली थाना प्रभारी आर.के. लोवंशी सहित पुलिस टीम पहुंची। रात में ही सहायक आयुक्त जेस डामोर भी पहुंचे। उन्होंने घटनास्थल का निरीक्षण कर स्टाफ से पूछताछ की। पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस का कहना है कि जांच के बाद जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर कार्रवाई की जाएगी। परिजन बोले- छात्रा अलग कमरे में रहती, फांसी कहीं और लगाई परिजनों ने हादसे पर गंभीर सवाल उठाते हुए कहा कि छात्रा का निर्धारित कमरा दूसरा था, जबकि उसने किसी और कमरे में फांसी लगाई है। इससे छात्रावास प्रबंधन पर कई तरह के सवाल खड़े हो गए हैं। घटना की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में परिजन और ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। शव को पीएम के लिए ले जाया गया है। पानसेमल एसडीएम, निवाली तहसीलदार, निवाली थाना प्रभारी सहित पुलिस बल मौके पर मौजूद है। पिता बोले- वार्डन की लापरवाही से हुई बेटी की मौत नाबालिग छात्रा के पिता ने बताया कि वे खेती-किसानी का काम करते हैं। उनकी बेटी की उम्र 15 साल थी। एकलव्य आदर्श छात्रावास पुरुषखेड़ा में कक्षा 6वीं से लेकर वर्तमान में कक्षा 9वीं की पढाई कर रही थी। पिता ने बताया कि मंगलवार रात करीब 10:05 बजे छात्रावास से एक मैडम का फोन आया, जिसमें कहा गया कि आपकी बेटी ने आत्महत्या कर ली है। इस पर उन्होंने कहा कि यदि वह ठीक है तो उसे तुरंत अस्पताल ले जाया जाए। इसके बाद छात्रावास के एक अधिकारी से बात हुई, जिन्होंने भी आत्महत्या की बात कही और जल्द पहुंचने को कहा। इसके बाद वे अपने परिवार और आसपास के एक-दो गांव के लोगों के साथ तत्काल एकलव्य आदर्श छात्रावास पुरुषखेड़ा पहुंचे। हॉस्टल के सीसीटीवी बंद, निष्पक्ष जांच की मांग पिता ने आरोप लगाया कि उनकी बेटी की मौत हॉस्टल अधीक्षक और वार्डन की गैर-जिम्मेदारी और लापरवाही का परिणाम है। उन्होंने एसडीएम को सौंपे गए ज्ञापन में कहा कि प्रथम दृष्टया यह मामला आत्महत्या नहीं, बल्कि मानसिक प्रताड़ना के चलते हुई मौत का प्रतीत होता है, जिसमें उनकी बेटी को फांसी लगाने के लिए मजबूर किया गया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि छात्रावास के सीसीटीवी कैमरे बंद थे। साथ ही, जिस स्टोर रुम में बेटी फांसी पर लटकी हुई मिली, उस कमरे पर ताला लगा होना चाहिए था। पिता ने प्रशासन से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर शीघ्र उचित कार्रवाई की जाए और उनकी बेटी को न्याय दिलाया जाए। एसडीएम बोले-दोषियों पर कड़ी कार्रवाई होगी पानसेमल एसडीएम रमेश सिसोदिया ने बताया कि पुरुषखेड़ा के आदर्श आवासीय एकलव्य छात्रावास में कक्षा 9वीं की छात्रा ने सुसाइट किया है। छात्रा के पिता ने मुझे एक ज्ञापन दिया है। जिसमें हॉस्टल अधीक्षक की लापरवाही और गैर जिम्मेदाराना रवैया को लेकर शिकायती आवेदन दिया है। जिसमें उन्होंने दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है। उक्त आवेदन मेरे द्वारा निवाली थाना प्रभारी को परीक्षण के लिए दिया है। आगे की कार्रवाई जारी है। ये भी पढ़ें… नाबालिग ने छात्रावास में फांसी लगाई, अधिकारी मौके पर मौजूद, हॉस्टल वार्डन सस्पेंड धार जिले के बाग में कस्तूरबा गांधी कन्या छात्रावास की 11वीं कक्षा की एक नाबालिग छात्रा ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। जब छात्रा मकवाना स्कूल से तबीयत खराब होने के कारण छात्रावास लौटी थी। परिजनों के अनुसार, छात्रावास के चपरासी ने फोन पर उन्हें बच्ची द्वारा फांसी लगाने की सूचना दी। पढ़े पूरी खबर…

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