भागीरथपुरा में दूषित जल ने 23 लोगों की जिंदगी छिन ली। कई लोग आज भी इस दूषित पानी के कारण अस्पताल में भर्ती है, जबकि 3 लोग अभी भी वेंटिलेटर पर हैं। सैकड़ों लोग अस्पताल में अपना इलाज करा चुके हैं। अब भागीरथपुरा में नर्मदा और ड्रेनेज का काम तेजी से किया जा रहा है। हालांकि इस काम के चलते रास्ते उबड़-खाबड़ जरूर हो गए है, लेकिन लोगों को उम्मीद है कि इस काम से उनके यहां हुई त्रासदी से मुक्ति मिल जाएगी। इधर, गुरुवार को इस मामले में हाईकोर्ट में सुनवाई होना है। चौकी के सामने भी शुरू हुआ काम, अंदर भी ऐसे ही हालत
भागीरथपुरा टंकी के पास बने गार्डन और भागीरथपुरा चौकी के सामने वाली रोड पर नर्मदा की लाइन डालने का काम शुरू हो गया है। नर्मदा के पाइप डालने के लिए यहां पर जेसीबी से सड़क खोदी जा रही थी। साथ ही यहां पर लाइन डालने के लिए पाइप रखे हुए थे। यहां काम करने वालों का कहना था कि नर्मदा की लाइन डालने का काम किया जा रहा है।
यहीं से थोड़ा आगे बढ़ने पर भागीरथपुरा के अंदर जाने पर भी ड्रेनेज और नर्मदा लाइन का काम किया जा रहा था। यहां एक चाय की दुकान के सामने से जा रही रोड पर जेसीबी से जो खुदाई कर लाइन डाली गई, उसे भरने का काम चल रहा था। जिसके कारण यहां से लोगों की आवाजाही लगभग ना के बराबर ही थी। रास्ता बंद होने के कारण लोग गलियों से आना-जाना करते नजर आए। इससे आगे बढ़ने पर अंदर जहां आयुष्मान आरोग्य मंदिर बना है। उसके सामने भी लाइन डालने का काम किया गया। उससे थोड़ा आगे बढ़ने के बाद स्थिति ऐसी थी कि रोड़ पर कीचड़ फैला हुआ था। जगह-जगह रोड उबड़-खाबड़ हो रही थी। जिससे दो पहिया वाहन चालकों के साथ ही पैदल चलने वालों को भी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था। 5 याचिकाओं पर आज एक साथ सुनवाई
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर बेंच में दूषित पेयजल से जुड़े मामलों में दायर 5 याचिकाओं पर आज 15 जनवरी को एक साथ सुनवाई होगी l पिछली सुनवाई में कोर्ट ने सरकार के जवाब को असंवेदनशील बताते हुए कड़ी फटकार लगाई थी। हाईकोर्ट ने कहा था कि इस घटना ने देश के सबसे स्वच्छ शहर कहे जाने वाले इंदौर की छवि को गंभीर नुकसान पहुंचाया है।
कोर्ट ने स्पष्ट किया था कि स्वच्छ पेयजल केवल इंदौर ही नहीं, बल्कि पूरे प्रदेश के नागरिकों का मौलिक अधिकार है। यदि भविष्य में जरूरत पड़ी तो दोषी अधिकारियों पर सिविल और क्रिमिनल जिम्मेदारी तय की जाएगी। कहा गया कि यदि पीड़ित परिवारों को मुआवजा कम मिला है, तो उस पर भी अदालत निर्देश दे सकती है।खास बात यह कि पिछले सुनवाई में मामले में 18 मौत हो चुकी थी जबकि हम म्यूट का आंकड़ा 23 तक पहुंच गया है और तीन मरीज वेंटिलेटर पर हैl 8 मरीजों का आईसीयू में चल रहा इलाज
स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी बुलेटिन के मुताबिक गुरुवार को इंडेक्स आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज की मदद से हेल्थ कैंप का आयोजन किया गया। एक मरीज डायरिया का मिला, जिसे भागीरथपुरा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भेजा। वहीं भागीरथपुरा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर गुरुवार को 3 मरीज डायरिया की शिकायत लेकर पहुंचे थे, जिनका वहीं उपचार किया गया। देखा जाए तो वर्तमान में अस्पतालों में 27 मरीज भर्ती है, इनमें से 8 आईसीयू में है और इनमें 3 वेंटिलेटर पर है। जिनका इलाज चल रहा है। ये खबर भी पढ़ें… भागीरथपुरा हादसा : अभी भी 33 मरीज एडमिट भागीरथपुरा दूषित पानी के मामले में मंगलवार को डायरिया के 5 मरीज सामने आए। हालांकि गंभीर नहीं होने से उन्हें सामान्य ट्रीटमेंट ही दिया गया। अस्पताल में एडमिट मरीज 39 से घटकर 33 हो गए हैं। इनमें से 10 आईसीयू में हैं। इनमें से तीन मरीज लंबे समय से वेंटिलेटर पर हैं और उनकी हालत में खास सुधार नहीं हुआ है।पूरी खबर पढ़ें


