यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए परिवहन विभाग ने बड़ा कदम उठाया है। 15 साल से अधिक पुरानी यात्री बसों के संचालन पर रोक लगाते हुए क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी (आरटीओ) ने 44 रूटों पर चलने वाली 59 बसों के परमिट दो माह के लिए सस्पेंड कर दिए हैं। इस कार्रवाई के बाद ग्वालियर संभाग के चार जिलों में हजारों यात्रियों को आने-जाने में परेशानी का सामना करना पड़ेगा। ज्यादातर ग्रामीण रूट की बसें हैं। इससे यात्रियों का सफर मुश्किल होना वाला है। आरटीओ का कहना है कि जिन बसों के परमिट सस्पेंड किए गए हैं, उन्हें नोटिस जारी कर रहे हैं। बताते चलें कि परिवहन विभाग ने बस ऑपरेटरों को पहले ही निर्देश दिए थे कि वे 15 साल पुरानी बसों को हटाकर नई बसों से परमिट रिप्लेस करें, लेकिन निर्धारित समय सीमा के बावजूद अधिकांश ऑपरेटरों ने नियमों का पालन नहीं किया। इसके चलते विभाग को सख्त कार्रवाई करनी पड़ी। जानिए… किस रूट के कितनी बसों के परमिट सस्पेंड किए गए सस्पेंड बसें रूट पर चलती मिली तो एक हजार रुपए प्रति सीट जुर्माना भरना होगा सस्पेंड बसें यदि रूट पर चलते मिलती हैं तो ऐसे बस ऑपरेटर को प्रति सीट एक हजार रुपए जुर्माना भरना होगा। आरटीओ के अनुसार जिन बसों के परमिट सस्पेंड किए हैं यदि वह संचालित होते पाई जाती हैं तो उन पर बिना परमिट के बसों को मानते हुए कार्रवाई की जाएगी। जिन बसों के परमिट सस्पेंड किए गए हैं, उन्हें नोटिस जारी किए जा रहे हैं। जिससे सस्पेंशन के दौरान ऐसी यात्री बसों का संचालन न किया जाए। अभी पुरानी बसों के परमिट सस्पेंड किए, बसें तय समय में नहीं बदली तो रद्द करेंगे
15 साल से अधिक पुरानी यात्री बसों के संचालन पर रोक है। अंचल के चार जिलों में 59 ऐसी बसें थीं, जिन्हें नई बसों से रिप्लेस करने का अवसर दिया था। तय समय में ऐसा नहीं होने पर 44 रूटों पर चलने वाली इन बसों के परमिट 2 माह के लिए सस्पेंड किए गए हैं। यदि इस अवधि में भी रिप्लेसमेंट नहीं हुआ तो परमिट निरस्त कर दिए जाएंगे।
-विक्रमजीत सिंह कंग, आरटीओ


