जिले में वायु प्रदूषण ने फिर से चिंता बढ़ा दी है। टोंक जिला में पिछले चार दिनों में दूसरी बार एयर क्वालिटी इंडेक्स 300 के पार पहुंच गया है। जो स्वास्थ्य के लिए बहुत खराब (वेरी पूअर) श्रेणी में है। पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड के आंकड़ों के अनुसार, हाल के दिनों में एक्यूआई के स्तर चार दिन में दूसरी बार बढ़ोतरी रही है। यह स्तर जिले के लिए गंभीर चिंता का विषय है, क्योंकि इससे पहले यह मध्यम और खराब श्रेणी में रहा था। अब बहुत खराब स्तर तक पहुंचने लगा है। जो मुख्य रूप से आसपास के क्षेत्रों से प्रदूषित हवा के शिफ्ट होने के कारण है। हालांकि स्थानीय स्रोतों से उत्सर्जन भी इसमें योगदान दे रहा है। डॉक्टरों का कहना है कि इस स्तर का प्रदूषण सांस संबंधी रोगियों पर सबसे अधिक असर डालता है। अस्थमा, ब्रोंकाइटिस और अन्य श्वसन संबंधी समस्याओं से पीड़ित लोगों को सावधानी बरतनी चाहिए। इसके अलावा, यह हृदय रोगियों पर भी अप्रत्यक्ष रूप से प्रभाव डाल सकता है। मौसम की स्थिति की बात करें तो बुधवार को सुबह हल्की धुंध छाई रही, लेकिन दोपहर में मौसम साफ हो गया और आसमान खुला रहा। फिर भी वायु गुणवत्ता खराब बनी हुई है। जानकार बताते हैं कि जनवरी के मध्य में सामान्यतः ठंडी और शुष्क हवाएं चलती हैं, जो प्रदूषकों को फैलाने या जमा होने में मदद करती हैं। अगले कुछ दिनों में कोई बड़ा मौसमी बदलाव की संभावना कम है, इसलिए प्रदूषण स्तर स्थिर या थोड़ा ऊपर-नीचे रह सकता है। मौसम विभाग के अनुसार आगामी दिनों में तापमान में उतार-चढ़ाव के आसार है। दिन का तापमान में मामूली बढ़त रह सकती है। वहीं रात के तापमान में हल्की गिरावट के आसार है। जिले में बुधवार को अधिकतम तापमान 23 एवं न्यूनतम 8 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहा। आगामी दिनों में तापमान में उतार-चढ़ाव की स्थिति रह सकती है।


