‘पीकर’ हॉस्पिटल में लुढ़क गए डॉक्टर साहब:बेनीवाल बोले-‘कलेक्टर ऐसे दब्बू हैं’; जैसलमेर में ‘कश्मीर जैसी वादियां’

नमस्कार नागौर के रियांबड़ी से सांसद हनुमान बेनीवाल की अगुआई में जयपुर कूच किया गया। सहमति के बाद कूच समाप्त हुआ। टोंक के सदाअत जिला हॉस्पिटल के डॉक्टर साहब वार्ड में शराब के नशे में फर्श पर गिर पड़े। उन्हें व्हील चेयर पर बैठाकर घर छोड़ा गया। सवाई माधोपुर में एक हेडमास्टर ने बच्चों की छुट्‌टी कर स्कूल में ही नॉनवेज पका लिया। हेडमास्टर को सस्पेंड कर दिया गया। राजस्थान की राजनीति और ब्यूरोक्रेसी की ऐसी ही खरी-खरी बातें पढ़िए, आज के इस एपिसोड में… 1. नागौर में हनुमान बेनीवाल का प्रदर्शन नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल ने अपनी ‘सेना’ लेकर जयपुर कूच किया। मांगें किसानों से संबंधित थीं। वे 6 मांग लेकर चले। उनके एक इशारे पर सैकड़ों जवान अपनी गाड़ियां लेकर कूच में शामिल हो गए। धरना स्थल रियांबड़ी में मंच से ही हनुमान जी ने कूच की रणनीति तय कर दी। कह दिया कि अधिकारियों में हिम्मत नहीं है कि रियांबड़ी आकर बात करें। कमरे में घबराए हुए घूमते फिर रहे हैं। इसके बाद जयपुर कूच का ऐलान हुआ। सांसद महोदय ने ‘सैन्य रणनीति’ बताई-आगे मैं रहूंगा। मुझ से आगे कोई नहीं जाएगा। मेरे पीछे युवा रहेंगे। सबसे पीछे थोड़ा दूर बुजुर्ग रहेंगे। जयपुर के लिए 2 हजार गाड़ियों के काफिले के साथ ‘सेना’ चल पड़ी। नागौर की सीमा पर पड़ाव डाला गया। लेकिन जयपुर पहुंचने से पहले ही कूच स्थगित हो गया। बेनीवाल बोले- कलेक्टर और एसपी से बातचीत के बाद मांगों पर लिखित में सहमति बन गई है। अब दो-तीन दिन में सारे काम हो जाएंगे। 2. सरकारी हॉस्पिटल में नशे में पहुंचे डॉक्टर साहब टोंक के सबसे बड़े सरकारी हॉस्पिटल में अचानक गहमा-गहमी हो गई। अफरा-तफरी सी मच गई। हुआ यूं कि सीनियर मेडिकल ऑफिसर साहब नशे में झूमते हुए हॉस्पिटल पहुंच गए। वार्ड में घुसकर वे आगे झूले, पीछे झूले, फिर दायें-बायें झूलते हुए फर्श पर ढेर हो गए। मरीजों के सामने पैंट में ही टॉयलेट कर दिया। साहब की हालत देख वार्ड में मौजूद मरीज असहज हो गए। बात स्टाफ तक पहुंची। स्टाफ की मुसीबत- बिल्ली की गले में घंटी कौन बांधे। वे साहब की हरकत को चुपचाप देखते रहे। तब तक सूचना पीएमओ तक पहुंच गई। उनकी दखल के बाद डॉक्टर को घसीटकर व्हील चेयर पर बैठाया गया। फिर मौजी खिलाते हुए घर तक छोड़ा गया। 3. स्कूल की छुट्‌टी कर पका लिया नॉनवेज हेडमास्टर साहब ने स्कूल को रियासत समझ लिया। खुद बादशाह की तरह धूप में कुर्सी डालकर बैठ गए। रसोइये को आदेश दिया- आज हमारे लिए खास नॉनवेज की सब्जी और टिक्कड़ का पोषाहार बनाया जाए। रसोइया काम में लग गया। हेडमास्टर साहब धूप में बैठे परोसगारी का इंतजार कर रहे थे। बच्चों की छुट्टी कर वे उन्होंने पहले ही मेन गेट पर अंदर से ताला लगवा दिया था। ऐसे में निश्चिंत थे। लेकिन पता नहीं कहां से कुछ गांव वाले वहां कैमरे वाला मोबाइल लेकर पहुंच गए। शायद नॉनवेज भोजन की खुशबू ने समाचार फैला दिया। गांव वाले ने कैमरा हेडमास्टर की ओर मोड़ते हुए शिकायत की तो अमिताभ बच्चन की तरह डायलॉग बोले- जाओ पहले जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) से बात करो। फिर विलेन की तरह धमकी दी- जाओ, जो बिगाड़ना हो बिगाड़ लेना। जो चाहे कार्रवाई कर लेना। ​​​​​​ गांव वालों ने कुछ नहीं किया। बस इतना किया कि जो वीडियो बनाया उसे सोशल मीडिया पर डाल दिया। बात अपने आप अफसरों तक पहुंच गए। ‘बादशाह सलामत’ को तुरंत सस्पेंड कर दिया गया। 4. चलते-चलते… राजस्थान का टूरिज्म इतना वर्ल्ड फेमस हो गया है कि मौसम भी मुरीद हो गया है। जिन पर्यटकों ने कश्मीर जाना कैंसिल कर छुटि्टयां बिताने के लिए जैसलमेर को चुना, उन्हें फ्री-फोकट में कश्मीर जैसा नजारा दिख गया। जैसलमेर के रेतीले धोरों तक उत्तर से बर्फीली शीतलहर पहुंची। सर्दी के कई रिकॉर्ड तड़क कर टूट गए। रात में पारा 2 डिग्री तक भी पहुंच गया। ऐसे में रेत पर गिरी ओस बर्फ बन गई। सुबह टूरिस्ट रेत के धोरों का नजारा लेने पहुंचे तो बर्फ के टीले दूर तक फैले नजर आए। टूरिस्ट की खुशी का ठिकाना नहीं। ठिठुरते हुए वादियों का आनंद लिया। यहां चीड़ और देवदार के पेड़ तो नहीं, लेकिन सफेद टीले देखकर ही पर्यटक खुश हो गए। बाल्टियों में भरे पानी पर परत भी जमी और गाड़ियों के शीशे की खुरच कर साफ करने पड़े। एक तरफ टूरिस्ट प्रसन्न हैं, लेकिन किसान मायूस हो गए। बोले- सरसों, ईसबगोल, जीरा और अरंडी पाले से झुलस गईं। (इनपुट सहयोग- हनुमान तंवर (नागौर), महावीर बैरवा (टोंक), नरेंद्र भारद्वाज (सवाई माधोपुर), सिकंदर शेख (जैसलमेर)।) वीडियो देखने के लिए सबसे ऊपर फोटो पर क्लिक करें। अब कल मुलाकात होगी…

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