पश्चिमी सिंहभूम पुलिस ने चाईबासा में फर्जी पुलिस अधिकारी बनकर लोगों को डराने-धमकाने और अवैध वसूली करने वाले एक गिरोह का भंडाफोड़ किया है। इस कार्रवाई में एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया है, जबकि एक नाबालिग को हिरासत में लिया गया है। पुलिस ने इनके पास से फर्जी नंबर प्लेट लगी मोटरसाइकिल, मोबाइल फोन सहित कई आपत्तिजनक सामान बरामद किए हैं। पुलिस अधीक्षक चाईबासा को 14 जनवरी 2026 को एक गुप्त सूचना मिली थी। सूचना में बताया गया था कि तांतनगर चौक के पास काले रंग की बाइक पर सवार दो युवक पुलिस का फर्जी नंबर प्लेट और लोगो लगाकर लोगों से पैसे की वसूली कर रहे हैं। इस सूचना के सत्यापन के बाद पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर एक विशेष छापेमारी टीम का गठन किया गया। पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तांतनगर पुल के पास संदिग्ध मोटरसाइकिल को रोका और उसकी तलाशी ली। बाइक पर सवार एक व्यक्ति ने अपना नाम रोशन एक्का (लगभग 38 वर्ष) बताया, जबकि उसके साथ एक नाबालिग भी मौजूद था। जांच के दौरान मोटरसाइकिल की सीट के नीचे से एक और फर्जी नंबर प्लेट बरामद हुई। जांच में पता चला कि मोटरसाइकिल चोरी की थी, जिसे फर्जी नंबर प्लेट और पुलिस लोगो लगाकर इस्तेमाल किया जा रहा था। आरोपियों के पास से कुल तीन एंड्रॉयड मोबाइल फोन, आधार कार्ड और पैन कार्ड की छायाप्रतियां भी जब्त की गईं। मोबाइल की जांच में यह भी सामने आया कि वे व्हाट्सएप प्रोफाइल पर वरीय पुलिस पदाधिकारी की फोटो लगाकर लोगों को डराने का प्रयास करते थे। पूछताछ के दौरान, आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे पुलिस बनकर लोगों को डराते-धमकाते थे और उनसे पैसे की मांग करते थे। वे नंबर प्लेट बदलकर और पुलिस का लोगो लगाकर खुद को अधिकारी बताते थे। इस संबंध में मुफ्फसिल थाना में कांड संख्या 13/2026 दर्ज किया गया है। आरोपियों के विरुद्ध BNS 2023 की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जा रही है। गिरफ्तार आरोपी का पूर्व आपराधिक इतिहास भी सामने आया है। इस विशेष कार्रवाई में अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी सदर चाईबासा, मुफ्फसिल थाना प्रभारी और थाना के कई पुलिस पदाधिकारी तथा सशस्त्र बल के जवान शामिल थे।


