सीकर में स्मैक की तस्करी करते मौसा-भांजा गिरफ्तार:जयपुर से घड़ी का पार्सल बताकर लोक परिवहन बस में मंगवाई, सरगना की तलाश में पुलिस

सीकर की कोतवाली थाना पुलिस ने सीकर जिले की अब तक की स्मैक की सबसे बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। पुलिस ने मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार करते हुए उनसे 50.92 ग्राम स्मैक भी बरामद की है। दोनों रिश्ते में मौसा-भांजा है। जिन्होंने घड़ी का पार्सल बताकर जयपुर से लोक परिवहन बस से यह स्मैक मंगवाई थी। पुलिस दोनों आरोपी से पूछताछ करके इनके लोकल नेटवर्क और मुख्य सरगना की तलाश कर रही है। सीकर एडिशनल एसपी डॉ.तेजपाल सिंह ने आज कोतवाली पुलिस थाने में प्रेस कॉन्फ्रेंस करके खुलासा किया। एडिशनल एसपी डॉ तेजपाल सिंह ने बताया कि मामले में दो आरोपी आमीन लीलगर(37) पुत्र असगर निवासी रामगढ़ शेखावाटी हाल कुबा मस्जिद वार्ड नंबर 2 सीकर और उसके भांजे मोहम्मद साहिल (20) पुत्र फिरोज लीलगर निवासी सीकर को गिरफ्तार करके उनसे 50.92 ग्राम स्मैक बरामद की गई है। जिसकी मार्केट वैल्यू करीब 2.50 से 3 लाख रुपए है। दरअसल सीकर की कोतवाली थाना पुलिस ने सेना दिवस के मौके पर जयपुर में आयोजित परेड के चलते सीकर के फतेहपुर रोड पर नाकाबंदी की हुई थी। इसी दौरान बीती रात को एक बाइक पर दो संदिग्ध लोग नजर आए। जब पुलिस ने इन्हें रुकने के लिए कहा तो दोनों बाइक को मोड़कर भागने की फिराक में थे। लेकिन पुलिस ने उन्हें पकड़ लिया। जब दोनों की तलाशी ली तो उनके पास से 50.92 ग्राम स्मैक बरामद की गई। पुलिस टीम ने आरोपियों की बाइक भी बरामद कर ली। पुलिस इन्वेस्टिगेशन में दोनों आरोपियों ने बताया कि आरोपियों ने जयपुर से एक लोक परिवहन बस में घड़ी का पार्सल बताकर स्मैक मंगवाई थी। बस सीकर के पिपराली चौराहे पर आकर रुकी। यहां पर आमीन और साहिल ने पार्सल को उतारा और फिर उसे अपने घर पर लेकर जा रहे थे। इस कार्रवाई में कोतवाली पुलिस थाने के कॉन्स्टेबल दिनेश और दिलीप की विशेष भूमिका रही है। आरोपी इस स्मैक के टोकन बनाकर उन्हें शहर में सप्लाई करने की फिराक में थे। लेकिन इसके पहले ही पुलिस ने आरोपियों को दबोच लिया। आरोपी साहिल का बाप और भाई भी नशे की तस्करी में लिप्त रह चुके हैं। फिलहाल अब पुलिस इन आरोपियों के द्वारा अवैध नशे की बिक्री करके बनाई गई अवैध संपत्तियों के खिलाफ भी कार्रवाई करेगी। SHO सुनील कुमार जांगिड़ ने बताया कि इस स्मैक के करीब 2 हजार टोकन बन सकते हैं। ऐसे में इसकी बिक्री पर आरोपियों को करीब आठ लाख रुपए मिलते। अब पुलिस टीम लगातार इन आरोपियों के मुख्य सरगना और लोकल तस्करों की तलाश में दबिश दे रही है।

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