श्रीमठ कनाना में 1008 कुंडात्मक महायज्ञ की तैयारियां शुरू:मकर संक्रांति पर कुमकुम अर्चन हुआ, 22 से 24 मार्च को होगी पूर्णाहुति

श्रीमठ कनाना में चल रहे श्री ललिता महायज्ञ के अंतर्गत मकर संक्रांति के अवसर पर बुधवार को विशेष पूजा-अर्चना की गई। यह आयोजन श्रीमठ कनाना के श्री महंत परशुराम गिरी महाराज द्वारा किया गया। इस दौरान सेनाचार्य अचलानंद गिरी जी महाराज ने विधि-विधान से मां ललितांबा का कुमकुम अर्चन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। वैदिक मंत्रोच्चार से श्रीमठ कनाना परिसर भक्तिमय हो उठा। महायज्ञ में प्रतिदिन देवी ललिता की पूजा, अर्चन, अभिषेक और हवन सहित अन्य धार्मिक अनुष्ठान संपन्न किए जा रहे हैं। दूर-दूर से श्रद्धालु मठ पहुंचकर मां ललितांबा की आराधना में शामिल हो रहे हैं। आयोजन समिति के अनुसार, इस बार महायज्ञ को भव्य रूप देने के लिए विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं। मार्च में होगी पूर्णाहुति आगामी 22 से 24 मार्च 2026 को महायज्ञ की पूर्णाहुति आयोजित होगी। इस अवसर पर एक हजार आठ कुंडात्मक श्री ललिता महायज्ञ का विशाल आयोजन किया जाएगा। यज्ञशाला के निर्माण कार्य की शुरुआत पारंपरिक विधि से की गई है। आयोजन समिति ने बताया कि यज्ञशाला निर्माण में स्थानीय कारीगरों, पुजारियों और स्वयंसेवकों का महत्वपूर्ण सहयोग मिल रहा है। महायज्ञ का ध्वजारोहण समारोह 03 फरवरी 2026 को आयोजित किया जाएगा। इसे मुख्य कार्यक्रमों की औपचारिक शुरुआत माना जाता है। ध्वजारोहण के दौरान विशेष अनुष्ठान, कलश स्थापना और मंगल पाठ भी संपन्न किए जाएंगे। इस अवसर पर धर्मेंद्र करण, मानवेंद्र करण, गणेशाराम बोका, जवाहराराम चौधरी, हरीश चौधरी, पूंजराज सोनी, सावलराम कोसोना, केवलाराम सुथार, जुगलकिशोर त्रिवेदी, नेमजी दर्जी, पेमाराम घांची, पारस मल कोठारी, नेमाराम भांड, आम्बाराम ओड, उत्तम शर्मा, विक्रम चारण, बाबूदास भीमरलाई, पंडित नरपत शास्त्री सहित क्षेत्र के अनेक गणमान्यजन उपस्थित रहे। सभी ने मां ललितांबा के चरणों में आराधना कर क्षेत्र की सुख-समृद्धि की कामना की।

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