मलयाली समाज द्वारा अयप्पा मंदिर में मकर संक्रमम उत्सव मकर विलक्कु मनाया गया। केरल में यह उत्सव मकर संक्रांति को मनाया जाता है। अयप्पा सेवा संघम के अध्यक्ष गोपाल मेनन ने बताया कि मंदिर परिसर को 21 हजार दीपों से रोशन किया गया। अयप्पा स्वामी के गर्भगृह तक पहुंचने के लिए बनीं 18 सीढ़ियां आध्यात्मिक साधना का प्रतीक हैं। मान्यता है कि भक्त जब एक-एक सीढ़ी चढ़ता है, तो वह बुराइयों का त्याग करते हुए ईश्वर के करीब पहुंचता है। हर सीढ़ी एक बुराई छोड़ने और आत्मिक शुद्धि की ओर बढ़ने का प्रतीक मानी जाती है। 18 सीढ़ियों का संदेश


