भारतीय ट्रेड यूनियन केंद्र (सीटू) की ओर से अनेक मांगों को लेकर एसपी ऑफिस के बाहर विरोध-प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शनकारियों ने जमकर नारेबाजी की और ‘जिला पुलिस प्रशासन मुर्दाबाद’ के नारे लगाते हुए प्रशासन पर मिलीभगत के आरोप लगाए। सीटू के पदाधिकारियों संबोधित करते हुए कहा- श्रीगंगानगर शहर में कानून-व्यवस्था पूरी तरह चरमरा चुकी है। आए दिन चोरी और छीना-झपटी की घटनाएं बढ़ रही हैं, जिससे शहरवासियों में भय का माहौल बना हुआ है। महिलाओं और बुजुर्गों का घर से बाहर निकलना मुश्किल हो गया है। आरोप: सट्टे का धंधा पुलिस की मदद से चल रहा साथ ही जिलेभर में अवैध शराब और पर्ची सट्टे का धंधा पुलिस प्रशासन की मिलीभगत से खुलेआम चल रहा है, जिसके चलते अपराधों में लगातार इजाफा हो रहा है। ट्रैफिक व्यवस्था भी बदहाल है। मुख्य मार्गों समेत शहर की लगभग सभी जगहों पर अवैध कब्जे और अव्यवस्थित पार्किंग के कारण जाम की स्थिति बनी रहती है। इससे आम लोगों को भारी परेशानी होती है और अक्सर लड़ाई-झगड़े भी हो जाते हैं। प्रदर्शन में सीटू से जुड़े संगठनों ने भी अपनी शिकायतें रखीं। भवन निर्माण मिस्त्री मजदूर यूनियन के जिलाध्यक्ष द्वारा थाना जवाहरनगर में दर्ज मामले में नामजद आरोपियों को अभी तक गिरफ्तार नहीं किया गया। पुलिस द्वारा आरोपियों को बचाने की कोशिश की जा रही है। इसी तरह अनाजमंडी पल्लेदार एंड लेबर यूनियन के अध्यक्ष भूपकुमार खण्डा द्वारा कृष्ण कुमार पुत्र जगदीश राम उर्फ झागी राम के खिलाफ कोतवाली थाने में दिए गए परिवाद पर भी अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। सीटू नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि प्रशासन जल्द कार्रवाई नहीं करता तो उग्र आंदोलन किया जाएगा। प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे और प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग की।


