मरुधरा की संस्कृति ‘डेजर्ट फेस्टिवल’ के समापन की जगह 47 साल बाद बदली गई है। सम के रेतीले टीलों के बजाय इस बार खुहड़ी गांव में किया जाएगा। 29 जनवरी से 1 फरवरी तक ‘अंतर्राष्ट्रीय मरु महोत्सव-2026’ का आयोजन होगा। उत्सव की शुरुआत 29 जनवरी को पोकरण की धरती से होगी, वहीं 30 जनवरी को जैसलमेर के रेतीले समंदर में ‘मिस मूमल’ और ‘मिस्टर डेजर्ट’ (मरु श्री) के लिए साल का सबसे बड़ा मुकाबला होगा। इन खिताबों को जीतना आसान नहीं होगा, केवल राजस्थान की शुद्ध संस्कृति अपनाने वाले प्रतिभागी ही मंच तक पहुंच पाएंगे। मिस मूमल के लिए कोहनी से ऊपर चूड़ा पहना बैन होगा, वहीं मिस्टर डेजर्ट के लिए 5.6 फीट हाइट वालों को मौका दिया जाएगा। उत्सव में पूर्व विजेताओं को प्रतियोगिता में एंट्री नहीं मिलेगी।
‘मिस्टर डेजर्ट’ के लिए 5.6 फीट हाइट जरूरी रेगिस्तान के सबसे रौबीले पुरुष को मिलने वाला ‘मिस्टर डेजर्ट’ का खिताब पाने के लिए प्रतिभागियों को कड़े मापदंडों पर खरा उतरना होगा। पर्यटन विभाग के अनुसार प्रतियोगी की न्यूनतम उम्र 21 वर्ष होना जरूरी है, जबकि लंबाई कम से कम 5 फीट 6 इंच अनिवार्य रखी गई है। खास बात यह है कि केवल राजस्थान के मूल निवासी ही इस प्रतियोगिता में भाग ले सकेंगे। विजेता को सिर्फ ताज पहनाकर सम्मानित नहीं किया जाएगा, बल्कि महोत्सव के दौरान जैसलमेर की ऐतिहासिक हवेलियों और स्मारकों पर होने वाले आधिकारिक फोटोशूट में भी शामिल किया जाएगा। ‘मिस मूमल’ के लिए अविवाहिता होना जरूरी रेगिस्तानी सौंदर्य की पहचान मानी जाने वाली ‘मिस मूमल’ प्रतियोगिता को लेकर भी इस बार सख्त नियम तय किए गए हैं। प्रतियोगिता में भाग लेने वाली युवती का अविवाहित होना अनिवार्य है और न्यूनतम उम्र 18 वर्ष तय की गई है। वेशभूषा को लेकर कड़ा निर्देश दिया गया है कि पहनावा पूरी तरह पश्चिमी राजस्थान की मारवाड़ पद्धति पर आधारित होना चाहिए। कोहनी के ऊपर चूड़ा पहनने पर होंगी बाहर विभाग ने साफ किया है कि यदि किसी प्रतिभागी ने कोहनी के ऊपर चूड़ा पहना, तो उसे नियमों के विरुद्ध माना जाएगा और सीधे बाहर कर दिया जाएगा। विजेता युवती को मेले के तीनों दिन उपस्थित रहकर पर्यटन को बढ़ावा देने वाले आयोजनों में भाग लेना होगा। 23 जनवरी तक कर सकते हैं अप्लाई पर्यटन विभाग के सहायक निदेशक कमलेश्वर सिंह ने बताया- प्रतियोगिताओं के लिए आवेदन की अंतिम तिथि 23 जनवरी 2026 तय की गई है। आवेदन पत्र के साथ आयु प्रमाण पत्र संलग्न करना अनिवार्य होगा। कार्यालय समय के बाद कोई भी आवेदन स्वीकार नहीं किया जाएगा। पूर्व विजेताओं की ‘नो एंट्री’ निष्पक्षता बनाए रखने के लिए विभाग ने पूर्व प्रथम विजेताओं की प्रतियोगिता में भागीदारी पर रोक लगा दी है। प्रतियोगियों को अपने स्तर पर ही जैसलमेर पहुंचना होगा। विभाग की ओर से यात्रा या आवास भत्ता नहीं दिया जाएगा। प्रशासन का दावा है कि इस बार महोत्सव में देश-विदेश से बड़ी संख्या में पर्यटक पहुंचेंगे, जिससे जैसलमेर के पर्यटन व्यवसाय को नई रफ्तार मिलेगी। —- ये खबरें भी पढ़ें … बीकानेर के धोरों में अग्नि डांस, अंगारों पर चले युवा:कंचे खेले, पैराग्लाइडिंग भी की; विदेशी सैलानी सिर पर मटके रखकर दौड़े बीकानेर में चल रहे अंतरराष्ट्रीय कैमल फेस्टिवल का आज रायसर के धोरों में अंतिम दिन रहा। फेस्टिवल के अंतिम दिन के सभी कार्यक्रम बीकानेर से करीब 15 किलोमीटर दूर स्थित रायसर गांव में आयोजित हुए। (पूरी खबर पढ़ें)


