शहर की सफाई व्यवस्था प्रभावित होने पर नगर निगम ने अनुबंधित एजेंसी रामकी कंपनी के खिलाफ कड़ा कदम उठाया है। एक दिन की हड़ताल के चलते निगम ने रामकी कंपनी के देयक से लगभग 18 लाख रुपए की कटौती करने और अतिरिक्त 5 लाख रुपए का जुर्माना लगाने के निर्देश दिए हैं। इस मामले को गंभीरता से लेते हुए महापौर मीनल चौबे ने नगर निगम मुख्यालय में रामकी कंपनी के लोकल हेड योगेश कुमार को तलब किया और कड़ी नाराजगी जताई। महापौर ने स्पष्ट किया कि भविष्य में शहर में अचानक और बेमुद्दत हड़ताल किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी। यदि आगे भी सफाई व्यवस्था प्रभावित हुई, तो कंपनी पर अनुबंध की शर्तों के अनुसार और सख्त कार्रवाई की जाएगी। समीक्षा बैठक के दौरान अपर आयुक्त विनोद पाण्डेय, स्वच्छ भारत मिशन के सहायक अभियंता योगेश कड्डु और विषय विशेषज्ञ प्रणीत चोपड़ा उपस्थित रहे। उल्लेखनीय है कि इससे पहले भी दिवाली से ठीक पहले रामकी कंपनी के कर्मचारियों ने हड़ताल की थी। उस समय भी सफाई व्यवस्था प्रभावित होने पर कंपनी के अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई गई थी। भुगतान की फाइल तभी बढ़ेगी, जब काम संतोषजनक होगा
महापौर ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि रामकी कंपनी के भुगतान से जुड़ी फाइल तभी आगे बढ़ाई जाए, जब काम संतोषजनक पाया जाए। साथ ही अपर आयुक्त को निर्देशित किया गया कि यदि ऐसी स्थिति दोबारा उत्पन्न होती है, तो कंपनी के अनुबंध पर पुनर्विचार किया जाए।


