बीजापुर जिला पंचायत में 15वें वित्त आयोग योजना के तहत ग्राम पंचायतों की विकास राशि में बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़ा और गबन का आरोप लगा है। यह आरोप जिला पंचायत के संविदा कर्मचारी विक्रम परस्ते पर लगा है। जनता जोगी कांग्रेस के बस्तर संभागीय उपाध्यक्ष ने विज्ञप्ति जारी कर उन पर पंचायतों के डिजिटल सिग्नेचर (DSC) के दुरुपयोग का आरोप लगाया है। आरोपों के अनुसार, विक्रम परस्ते ने सरपंचों और सचिवों को भ्रमित कर पंचायतों की स्वीकृति के बिना ही विकास कार्यों के भुगतान मनमाने ढंग से स्वीकृत कराए। इस सुनियोजित तरीके से पैसे निकालकर निजी उपयोग में लाने का आरोप है। रानी बोदली, तुमनार और रुद्राराम सहित कई ग्राम पंचायतों में सड़क, भवन, नाली और पेयजल जैसे बुनियादी विकास कार्यों के लिए स्वीकृत राशि में हेराफेरी की गई। यह भी आरोप लगाया गया है कि संबंधित संविदा कर्मचारी ने नेशनल हाईवे से लगी प्राइम लोकेशन पर खसरा नंबर 335/4 में लगभग 2 एकड़ भूमि खरीदी है। इसके अलावा उन पर महंगी कार खरीदने और रायपुर में मकान होने का भी आरोप है। इन आरोपों पर संविदा कर्मचारी विक्रम परस्ते ने कहा कि “मेरे अधिकारी से बयान ले लीजिए। जो भी आरोप हैं, उन पर मैं कुछ नहीं बोलूंगा।” उन्होंने यह भी बताया कि वह 2016 से बीजापुर में पदस्थ हैं।


