भास्कर न्यूज | अमृतसर इंप्रूवमेंट ट्रस्ट के 52.40 करोड़ के टेंडर में गड़बड़ियों का आरोप लगने के बाद लोकल बॉडीज विभाग के सेक्रेटरी ने जांच के लिए एक जनवरी को 5 मेंबरी टेक्निकल टीम बनाई थी। मगर 5 दिन तक एडीसी की रिपोर्ट न मिलने के कारण जांच 14 दिन तक डिले हुई। जांच अफसर कम एसई ने लोकल बॉडीज विभाग के सुपरिंटेंडेंट को लैटर लिखा कि जारी आदेश में एडीसी की ओर से पेश की गई रिपोर्ट नहीं भेजी गई है। जिस कारण कमेटी रिपोर्ट के तथ्यों संबंधित कोई जानकारी न होने के कारण कोई भी कार्रवाई नहीं कर पाई है। ट्रस्ट के विश्वसनीय सूत्रों के मुताबिक, एडीसी के नेतृत्व में 4 मेंबरी कमेटी की जांच रिपोर्ट गोपनीय रखी गई थी। जो टेक्निकल जांच को लेकर गठित टीम तक को नहीं भेजी गई। जिसके बाद टेक्निकल टीम को लेकर लैटर लिखना पड़ा। एडीसी की रिपोर्ट अब लोकल बॉडीज विभाग ने कमेटी को सौंप दी है जिसके बाद उम्मीद जताई जा रही कि अगले हफ्ते तक टेंडर का टेक्निकल इवैल्युएशन कर रिपोर्ट चंडीगढ़ हैडऑफिस भेज दी जाएगी। ऐसे में अब टेंडर रद्द होगा या बहाल 5 मेंबरी टेक्निकल कमेटी की इंक्वायरी रिपोर्ट के बाद फैसला लिया जाएगा। वहीं इसी टेंडर से जुड़े मामले में एसएसपी विजिलेंस लखबीर सिंह के सस्पेंशन पर भी शुरू से ही सवाल उठ रहे थे। ^चंडीगढ़ जरूरी काम से जाना पड़ा जिसमें 4-5 दिन का समय लग गया। एडीसी की जांच रिपोर्ट मिल चुकी है। टेक्निकल कमेटी की तरफ से जल्द ही जांच पूरी कर ली जाएगी। -बूटा राम, एडिश्नल चार्ज एसई कम जांच अफसर टेक्निकल कमेटी, इंप्रूवमेंट ट्रस्ट ^माननीय हाईकोर्ट से सस्पेंशन मामले में स्टे ऑर्डर के बाद अफसरों ने अपना चार्ज संभाल लिया है। एडिश्नल चार्ज के तौर पर जिन अफसरों को जिम्मेदारी सौंपी गई, उन्हें क्या जिम्मेदारी सौंपी जानी है, इस बारे चंडीगढ़ से क्लेरिफिकेशन के बाद फैसला लेंगे। -करमजीत सिंह रिंटू, चेयरमैन, इंप्रूवमेंट ट्रस्ट महकमे की ओर से 5 दिन तक एडीसी की रिपोर्ट न देने के कारण टेक्निकल टीम की जांच में देरी हुई। वहीं टेंडर गड़बड़ी मामले में 7 ट्रस्ट अफसरों की सस्पेंशन पर हाईकोर्ट के स्टे ऑर्डर के बाद सभी ने अपना चार्ज वापस से संभाल लिया है। वहीं, लोकल बाडीज विभाग के जिन 5 अफसरों को एडिश्नल चार्ज के तौर पर लगाया गया था, वह भी जिम्मेदारी देखेंगे। ट्रस्ट के चेयरमैन तय करेंगे कि किस तरह से जिम्मेदारियों को मैनेजर कर एडजस्ट करें।


