2027 में AAP भगवंत मान के सहारे:भीड़ से फिर अकाली दल के कमबैक के संकेत; ससुर-बहू अलग-अलग पार्टियों की स्टेज पर

पंजाब के श्री मुक्तसर साहिब में माघी मेले में कॉन्फ्रेंसों से राजनीतिक दलों ने विधानसभा चुनाव 2027 का बिगुल फूंक दिया। पार्टियों ने खुद को पंजाब का सियासी भविष्य पेश करने के लिए पूरी ताकत झोंकी। माघी मेले की कॉन्फ्रेंस में जुटी भीड़ से शिरोमणि अकाली दल के प्रधान सुखबीर बादल गदगद हुए तो आम आदमी पार्टी के सियासी दंगल में CM भगवंत मान ही नजर आए। पहली बार माघी मेले में कॉन्फ्रेंस करने उतरी भाजपा का भी यह प्रयोग सफल रहा। उधर, खुद को पंजाब का राजनीतिक विकल्प बनाने का दावा करने वाला पंथक मोर्चा यानि शिरोमणि अकाली दल वारिस पंजाब दे की चाल माघी मेला कॉन्फ्रेंस में अलगाव वाली ही दिखी। माघी मेले की कॉन्फ्रेंसों में शिअद सबसे ज्यादा ताकतवर बनकर उभरता हुआ नजर आया। खास बात ये रही कि भाजपा और शिअद ने अलग-अलग सियासी कॉन्फ्रेंस की और एक दूसरे के प्रति सॉफ्ट कॉर्नर रखा। दोनों पार्टियों के नेताओं ने एक दूसरे के प्रति कोई बात नहीं की। भाजपा अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने तो यहां तक कहा कि भाजपा ने 1996 से लगातार अकाली दल का साथ दिया। इसमें एक रोचक नजारा ये भी दिखा कि सिकंदर सिह मलूका यानी ससुर अकाली दल की स्टेज पर बैठे थे तो उनकी बहू परमपाल कौर भाजपा की स्टेज पर बैठी थी। वहीं, कांग्रेस पार्टी ने विधानसभा चुनाव 2027 से पहले सियासी कॉन्फ्रेंस नहीं की। कॉन्फ्रेंस न करना पब्लिक में चर्चा का विषय रहा, क्योंकि कांग्रेस इस समय सूबे में मुख्य विपक्षी पार्टी है। माघी मेले में कॉन्फ्रेंसों का सियासी मायने
माघी मेले में पूरे पंजाब से काफी संख्या में संगत पहुंचती है। राजनीतिक दलों की सियासी रैलियों में जुटी भीड़ से उनकी ताकत का आकलन किया जाता है और इससे पूरे पंजाब में पार्टियों के ताकतवर होने का मैसेज पहुंचता है। इसलिए इस मेले में राजनीतिक दल सियासी रैलियां करते हैं और अधिक से अधिक भीड़ जुटाते हैं। कॉन्फ्रेंस में जुटी भीड़, शिअद को कमबैक के संकेत लग रहे
लंबे समय बाद शिरोमणि अकाली दल की किसी सियासी रैली में इतनी बड़ी गिनती में कार्यकर्ता व लोग पहुंचे। तरनतारन उपचुनाव ने शिअद के लिए संजीवनी का काम किया। उसके बाद पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ता गया। श्री मुक्तसर साहिब की कॉन्फ्रेंस में जुटी भीड़ से साफ हो गया कि शिअद कम बैक कर रही है। सियासी मेले में सबसे ज्यादा चर्चा सुखबीर बादल के कम बैक को लेकर रही। रैली में आए लोगों का कहना है कि सुखबीर बादल ने पार्टी को मजबूत करने के लिए ग्रामीण स्तर पर मुहिम शुरू कर दी। जिसका नतीजा रैली में जुटी भीड़ है। 2027 विधानसभा चुनाव तक सुखबीर बादल कार्यकर्ताओं के इस जोश को मेंटेन रख पाते हैं या नहीं यह तो भविष्य ही बताएगा। आप की रैली में भीड़ सबसे ज्यादा, पर उत्साह कम
आम आदमी पार्टी की सियासी कॉन्फ्रेंस में पूरी पंजाब सरकार मंच पर दिखी। निसंदेह माघी मेले की सियासी कॉन्फ्रेंसों में सबसे बड़ा पंडाल और सबसे ज्यादा भीड़ आम आदमी पार्टी की रैली में नजर आई। विपक्षी दलों का कहना है कि आप सरकारी बसों के जरिए लोगों को मुक्तसर साहिब लेकर आई और उन्हें अपनी रैली में बैठा दिया। इसीलिए उनकी रैली में भीड़ तो दिखी पर वहां बैठे लोगों में उत्साह नहीं दिखा। आप के पंजाब प्रभारी मनीष सिसोदिया ने सिर्फ तीन मिनट का भाषण दिया। उन्होंने विधानसभा चुनाव 2027 भगवंत मान की अगुआई में लड़ने का ऐलान करते हुए अपना भाषण खत्म कर दिया। उसके बाद CM भगवंत मान ने मोर्चा संभाला। मुख्यमंत्री ने कांग्रेस व शिअद पर जमकर हमले करके रैली में बैठे लोगों में उत्साह भरने की कोशिश की। अब देखना होगा कि आप की रैली में जो भीड़ आई थी वो 2027 तक आप के साथ बनी रहती है या नहीं। मालवा में भाजपा की बढ़त के संकेत
श्री मुक्तसर साहिब में भाजपा ने पहली बार सियासी कॉन्फ्रेंस की। कॉन्फ्रेंस में उमड़ी कार्यकर्ताओं की भीड़ से भाजपा नेताओं को मालवा में पार्टी के बढ़ने के संकेत नजर आने लगे हैं। इस रैली से भाजपा को ग्रामीण हलकों में भी जनाधार बढ़ने की आस नजर आने लगी है। भाजपा नेताओं को डर था कि कुछ कट्‌टरपंथी संगठन और किसान जत्थेबंदियां रैली के दौरान विरोध कर सकते हैं, पर ऐसा कुछ नहीं हुआ। माघी मेले में तमाम कट्‌टरपंथी संगठनों की मौजूदगी के बावजूद रैली में भारी संख्या में लोग उमड़े। भाजपा नेताओं व कार्यकर्ताओं का कहना है कि इस रैली से साफ हो गया है कि लोग भाजपा के पक्ष में हैं और केंद्र सरकार की नीतियों का लाभ लेना चाहते हैं। लेकिन कुछ लोग हैं जो जानबूझकर भाजपा के विरोध का माहौल पैदा करना चाहते हैं। पंथक मोर्चा के मंच से खालिस्तान की मांग
पंथक मोर्चा शिरोमणि अकाली दल वारिस पंजाब दे खुद को सूबे में विकल्प के तौर पर पेश कर रहा है। माघी मेले में खालिस्तान समर्थक सांसद अमृतपाल के पिता तरसेम सिंह की अगुआई में पंथक मोर्चा ने सियासी कॉन्फ्रेंस की। पंथक मोर्चा की सियासी कॉन्फ्रेंस में मनप्रीत अयाली, लक्खा सिधाना व कई कट्‌टरपंथी संगठनों के प्रमुख शामिल हुए। इस कॉन्फ्रेंस में कट्‌टरपंथी संगठनों से जुड़े युवा बड़ी संख्या में शामिल हुए। पंथक मोर्चा के मंच से खालिस्तान बनाने की बात कही गई। वहीं मनप्रीत अयाली ने मंच से पंथक पार्टियों को एकजुट करके विधानसभा चुनाव 2027 में उतरने की बाद दोहराई। अगर मनप्रीत ऐसा करने में सफल रहे तो पंथक मोर्चा 2027 विधानसभा चुनाव में अन्य राजनीतिक दलों के लिए बड़ी चुनौती खड़ी कर सकता है। श्री मुक्तसर साहिब में माथा टेकने के लिए लगाई बसें
विपक्षी नेताओं ने आम आदमी पार्टी पर आरोप लगाए कि रैली के लिए लोगों को सरकारी बसों में लाया गया। उस पर कैबिनेट मंत्री लालजीत सिंह भुल्लर ने कहा कि पंजाब के अलग-अलग जिलों से लोग श्री मुक्तसर साहिब में माथा टेकने आना चाहते थे। इसलिए सरकार ने उनके लिए बसों की व्यवस्था की। उन्होंने बताया कि लोग गुरुद्वारा साहिब में माथा टेकने आए। इसके बाद सियासी रैलियों में शामिल हुए। ……………. माघी कॉन्फ्रेंस, CM बोले- स्वरूप ढूंढना प्राप्ति नहीं फर्ज:सुखबीर बोले- केजरीवाल को पंजाब लूटकर भागने नहीं देंगे; जाखड़ बोले- आतिशी को भी लाते पंजाब के मुक्तसर में माघी मेले पर सियासी कॉन्फ्रेंस हुईं। इस दौरान आम आदमी पार्टी (AAP), भाजपा और शिरोमणि अकाली दल ने अलग-अलग रैलियां कर शक्ति प्रदर्शन किया। हालांकि कांग्रेस ने रैली नहीं की। इस दौरान CM भगवंत मान के निशाने पर अकाली दल और भाजपा रही। पूरी खबर यहां पढ़ें…

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