नर्मदापुरम में एबीवीपी प्रांत पदाधिकारी की दबंगई:प्राचार्य से बोला- किसी की गाड़ी अंदर आई तो मूंछ कटवा दूंगा, गेट में डाल दूंगा ताला

नर्मदापुरम के पीएम श्री कॉलेज में गुरुवार को उस समय तनाव की स्थिति बन गई, जब अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के प्रदेश पदाधिकारी ने कॉलेज परिसर में प्राचार्य से अभद्रता और बदतमीजी की। आरोप है कि बिना अनुमति कॉलेज में प्रवेश कर पदाधिकारी ने प्राचार्य को धमकाया। उसने कहा किसी की गाड़ी अंदर आई तो मूंछ कटवा दूंगा, गेट में ताला डाल दूंगा। इस घटना से कॉलेज के प्राचार्य सहित प्रोफेसर वर्ग में गहरी नाराजगी है। मामले को लेकर कॉलेज की अनुशासन समिति के सदस्य प्रोफेसर कोतवाली थाने पहुंचे और आरोपी युवक के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। प्राचार्य डॉ. रामकुमार चौकसे ने बताया कि आरोपी युवक अभिषेक पटेल वर्तमान में कॉलेज का छात्र नहीं है। इसके बावजूद वह अपने साथियों के साथ बिना अनुमति कॉलेज के कॉन्फ्रेंस हॉल में बैठा हुआ था। गुरुवार दोपहर करीब 1 बजे अनुशासन समिति कॉलेज परिसर का भ्रमण कर रही थी। इस दौरान कैंटीन के पास वाणिज्य भवन और विधि भवन को जोड़ने वाली सड़क के बीच 8 से 10 मोटरसाइकिलें खड़ी पाई गईं, जिससे विद्यार्थियों को आवागमन में परेशानी हो रही थी। दो तस्वीरें देखिए… बाइक हटाने को लेकर हुआ विवाद
पूछताछ में बताया गया कि खड़ी मोटरसाइकिलें अभिषेक पटेल और उसके साथियों की हैं। समिति द्वारा वाहन मालिकों को बुलाने पर उन्होंने आने में असमर्थता जताई। इसकी जानकारी प्राचार्य को दी गई, जिसके बाद वे समिति सदस्यों व अन्य प्राध्यापकों के साथ मौके पर पहुंचे। आरोप है कि बातचीत के दौरान अभिषेक पटेल ने टेबल ठोकते हुए अभद्र व्यवहार किया, वाहन हटाने से इनकार किया और कॉलेज के मुख्य द्वार पर ताला डालने की धमकी भी दी। घटना के बाद प्राचार्य के साथ प्रोफेसर चौधरी, प्रोफेसर डॉ. रवि उपाध्याय सहित अन्य प्राध्यापक कोतवाली थाने पहुंचे और मुकदमा दर्ज करने की मांग की। अभिषेक ने कहा- प्राचार्य का रवैया ठीक नहीं
अभिषेक पटेल ने आरोपों को नकारते हुए कहा कि “कॉलेज स्टाफ की गाड़ियां भी गलत जगह खड़ी थीं। प्राचार्य का रवैया ठीक नहीं था। उन्होंने मुझे ‘दो कौड़ी का’ कहा। मैं अभाविप का प्रदेश सह संयोजक हूं।” अभिषेक पटेल अभाविप की इकाई ‘स्टूडेंट्स फॉर डेवलपमेंट (SFD)’ का प्रांत सह संयोजक है। थाने में जुटने लगे अभाविप कार्यकर्ता
जैसे ही कॉलेज प्रोफेसरों के थाने पहुंचने की जानकारी मिली, वैसे ही अभाविप के पदाधिकारी और कार्यकर्ता भी कोतवाली थाने पहुंचने लगे।फिलहाल पुलिस दोनों पक्षों की शिकायतों के आधार पर मामले की जांच कर रही है।

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