जालंधर | प्राचीन शिव मंदिर, दोमोरिया पुल, पुरानी रेलवे रोड में भक्तों की ओर से वीरवार को मां बगलामुखी महायज्ञ श्रद्धापूर्वक करवाया गया। मुख्य पुरोहित पं. चक्र प्रसाद जोशी ने देवी-देवताओं का आह्वान करवाने के बाद नवग्रह पूजन करवाया। इसके बाद वैदिक मंत्रोच्चारण से मां बगलामुखी जी का महायज्ञ किया गया। मां बगलामुखी जी के सिद्ध महामंत्र का उच्चारण कर महायज्ञ में आहूतियां डालीं। उन्होंने हवन के माध्यम से भक्तों को कहा कि तिल द्वादशी पर ही भगवान विष्णु के शरीर से तिल की उत्पत्ति हुई थी, इसलिए इस दिन तिल का दान, तिल के जल से स्नान और भगवान विष्णु को तिल अर्पित करना स्वर्ण दान के समान पुण्यदायी माना जाता है। महायज्ञ में विशेष रूप से तिल की आहूतियां भी डाली गईं। मां बगलामुखी जी की मंगल आरती के बाद प्रसाद वितरण किया गया। यहां प्रधान यादव खोसला, शिवम पुरी, रमेश सहदेव, गुरचरण बजाज, सुनील सहदेव, मानव बजाज, वैभव शर्मा, शाम सहगल, गोविंद खोसला, मनीष रेहान समेत अन्य मौजूद रहे।


