जिला अस्पताल मुरार में एम्स की तर्ज पर इमरजेंसी और कैजुअल्टी तैयार की जा रही है। इसका उद्देश्य यह है कि इमरजेंसी व कैजुअल्टी में आने वाले गंभीर मरीज को समय पर बेहतर प्राथमिक इलाज मिल सके। जब मरीज की हालत स्थिर हो जाएगी तब उसे संबंधित वार्ड में शिफ्ट किया एगा। इसके लिए स्टाफ को एम्स दिल्ली में मेडिकल ऑफिसरों को प्रशिक्षण भी दिलाया गया है। जिला अस्पताल मुरार सहित देश के प्रमुख जिला अस्पतालों की इमरजेंसी व कैजुअल्टी की सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए एम्स कार्य कर रहा है। इसके लिए एम्स की टीम जिला अस्पताल आई और उन्होंने कैजुअल्टी व इमरजेंसी को देखा,जिसके बाद उन्होंने इसमें बदलाव करने के निर्देश दिए हैं। 3 रूम पैटर्न से यह मिलेगी सुविधा निरीक्षण के बाद यह होंगे बदलाव
इमरजेंसी व कैजुअल्टी के लिए एम्स की टीम ने 3 कमरे चिह्नित किए थे। पहले कमरे में 6 बेड रहेंगे। इसमें अत्याधुनिक उपकरण रहेंगे। इस कमरे के बीच में कांच की बड़ी खिड़की रहेगी। इससे बीच वाले कमरे में बैठे डॉक्टर, मरीज पर निगाह रखेगा। तीसरे कमरे में टांके लगाना, प्लास्टर करना जैसे कार्य होंगे।
बेहतर उपचार के लिए होंगे बदलाव
मरीज को बेहतर उपचार मिल सके इसलिए हॉस्पिटल में सुविधाएं बढ़ाई जा रही हैं। इसके लिए उपकरण भी मंगवाए जा रहे हैं। निर्माण कार्य पूरा होते ही इसे चालू कर दिया जाएगा। इससे अस्पताल में इमरजेंसी व कैजुअल्टी में जल्द इलाज मिल सकेगा।
-डॉ. आरके शर्मा, सिविल सर्जन


