पहली बार भारतीय सेना की आर्मी डे परेड सैन्य क्षेत्र (आर्मी एरिया) से बाहर गुरुवार (15 जनवरी) को जयपुर में हुई। इस आयोजन में सेना के वो हथियार भी दिखाए गए, जिनका इस्तेमाल ऑपरेशन सिंदूर में किया गया था। सबसे खतरनाक हथियारों के साथ आर्मी की महिला ऑफिसर परेड में चल रही थीं। इनमें कैप्टन हंसजा शर्मा, महक भाटी, कैप्टन क्रिया यादव, लेफ्टिनेंट रश्मि चौधरी, लेफ्टिनेंट पवित्र दनद शामिल थीं। जगतपुरा के महल रोड पर हुई परेड में सेना के हेलिकॉप्टरों ने फ्लाई पास्ट किया। कार्यक्रम में आकाश मिसाइल सिस्टम, बख्तरबंद वाहन और टैंकों की झलक भी देखने को मिली अब देखें महिला शक्ति की ताकत, रूद्र हेलिकॉप्टर की पहली पायलट हैं कैप्टन हंसजा आसमान में गूंजी जगुआर और हेलीकॉप्टरों की दहाड़
कार्यक्रम की शुरुआत नाल एयरबेस से उड़ान भरने वाले ‘एडवांस्ड लाइट हेलीकॉप्टरों’ के हवाई प्रदर्शन के साथ हुई। इसके बाद ‘जगुआर फाइटर जेट्स’ के फ्लाईपास्ट ने आसमान में अपनी गर्जना से लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया। स्वदेशी मारक क्षमता का बेजोड़ प्रदर्शन
परेड के दौरान सेना के आधुनिक हथियारों और मिसाइल प्रणालियों ने भारत की रक्षा शक्ति का लोहा मनवाया। इसमें प्रमुख आकर्षण थे: सैन्य बाइक दस्ता और आधुनिक हथियार प्रणालियों के प्रदर्शन ने युवाओं को विशेष रूप से आकर्षित किया। पूरे आयोजन के दौरान जयपुर की सड़कों पर “भारत माता की जय” और “वंदे मातरम्” के नारों की गूंज सुनाई देती रही। इस आयोजन ने न केवल आमजन में देशभक्ति की भावना को और मजबूत किया, बल्कि यह संदेश भी दिया कि भारतीय सेना हर परिस्थिति में देश की सुरक्षा के लिए पूरी तरह तैयार है।


