कहावत पुरानी है लेकिन सच है, “सावधानी हटी, दुर्घटना घटी”, लेकिन भरतपुर के लोग के लिए जयपुर की सड़कों पर अब एक नई कहावत लागू हो रही है, “लापरवाही की, तो समझो लाइसेंस गया!” गुलाबी नगरी में पढ़ाई, नौकरी या कारोबार के सिलसिले में रह रहे भरतपुर के निवासियों के लिए परिवहन विभाग ने अलर्ट जारी किया है। पिछले कुछ महीनों में जयपुर में यातायात नियमों के उल्लंघन के मामले में सबसे ज्यादा कार्रवाई भरतपुर-डीग जिले के वाहन चालकों पर हुई है। आंकड़ों के मुताबिक, हर महीने औसतन 100 से 125 लोग ऐसे पकड़े जा रहे हैं जिनका लाइसेंस भरतपुर में परिवहन कार्यालय में बना है। कार्रवाई का आलम यह है कि केवल दिसंबर माह में ही 315 लोगों के ड्राइविंग लाइसेंस 3 महीने के लिए सस्पेंड कर दिए गए, जबकि नवंबर में यह संख्या 177 थी। इनमें अधिकांश बाइक सवार हैं। साल 2024 के शुरुआती 10 महीनों में भी हर महीने करीब बड़ी संख्या में लोग जयपुर पुलिस की सख्ती का शिकार हुए। एमवी एक्ट की धारा 194C, 194D और 184 के तहत अब चालान के साथ-साथ सीधे लाइसेंस निलंबित किए जा रहे है। चाहे वह बाइक पर ””तिगड़ी”” (ट्रिपलिंग) बैठाना हो, बिना हेलमेट के फर्राटा भरना हो या फिर मोबाइल पर बात करते हुए खतरनाक ड्राइविंग करना। जयपुर पुलिस अब किसी भी ””जुगाड़”” या ””पहुंच”” को स्वीकार नहीं कर रही है। 1. भरतपुर जिले के नदबई के गांव अटारी निवासी दीपक कुमार का जयपुर में आठ दिसंबर को चालान कटा। वह बाइक पर जा रहे थे और उनके साथ दो अन्य लोग भी सवार थे। इस पर पुलिस ने धारा 194C के तहत एक हजार रुपए का जुर्माना लगाया और तीन माह के लिए लाइसेंस सस्पेंड करने के लिए भरतपुर भेज दिया। 2. भरतपुर शहर की सुभाषनगर कॉलोनी निवासी रवि प्रकाश मीना 29 नवंबर को जयपुर में बाइक से जा रहे थे। उनके साथ एक अन्य व्यक्ति पर सवार थे। इसमें पीछे बैठे व्यक्ति ने हेलमेट नहीं लगा रखा था। ट्रैफिक पुलिस ने धारा 194डी के तहत हजार रुपए का जुर्माना बनाते हुए तीन माह के लिए लाइसेंस सस्पेंड की सिफारिश की। 3. रूपवास निवासी शिवराम का जयपुर में पांच दिसंबर को धारा 184ए के तहत चालान काटा। इन पर आरोप था कि यह वाहन चलाते समय हाथ में मोबाइल पकड़कर बात कर रहे थे या मैसेज देख रहे थे। इस पर ट्रैफिक पुलिस ने इनका चालान काटते हुए, लाइसेंस निलंबित के लिए भरतपुर भेजा। 4 . डीग जिले के चुलहरा गांव के निवासी आरिफ का 6 दिसंबर को धारा 184 सी के तहत खतरनाक या गलत दिशा में ड्राइविंग करने पर चालान कटा। इस धारा में रेड लाइट जंप भी आता है। इन पर ट्रैफिक पुलिस ने जुर्माना बनाते हुए लाइसेंस निलंबित करने के लिए भेजा। “जयपुर पुलिस से हमें हर महीने उन चालकों की सूची प्राप्त हो रही है। दिसंबर में यह संख्या 315 पहुंच गई है। एमवी एक्ट की धाराओं के तहत हम इन सभी लाइसेंसों को 3 महीने के लिए निलंबित कर रहे हैं। युवाओं को यह समझना होगा कि लाइसेंस केवल वाहन चलाने का अधिकार नहीं, बल्कि एक जिम्मेदारी है। हमारा उद्देश्य राजस्व वसूलना नहीं, बल्कि सड़कों पर अनुशासन और सुरक्षा सुनिश्चित करना है।” -इंदू मीना, प्रादेशिक परिवहन अधिकारी, भरतपुर


