जवाहर नगर कॉलोनी में कब्रिस्तान के नजदीक बनाई जा रही नाली में घटिया सामग्री के इस्तेमाल की शिकायत मिलते ही नगर निगम आयुक्त ने मौके पर औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान ईंटों की गुणवत्ता संदिग्ध मिलने पर आयुक्त ने तुरंत निर्माण स्थल से ईंटें उठवाकर जांच के लिए अपनी गाड़ी में रखवाईं। साथ ही सीमेंट और बजरी के सैंपल भी मौके से लिए गए। नगर निगम आयुक्त श्रवण कुमार विश्नोई ने बताया कि जवाहर नगर क्षेत्र में नाली निर्माण में घटिया सामग्री लगाए जाने की शिकायत मिली थी। शिकायत की गंभीरता को देखते हुए वे अपनी तकनीकी टीम के साथ मौके पर पहुंचे और निर्माण में उपयोग हो रही सामग्री की जांच की। प्रथमदृष्टया ईंटों की क्वालिटी मानकों के अनुरूप नहीं पाई गई, जिसके चलते उन्हें तत्काल जब्त कर लिया गया। साथ ही निर्माण कार्य को रुकवा दिया गया। आयुक्त ने बताया कि मौके पर उपयोग में लाई जा रही ईंटें फ्लाई ऐश की हैं। प्राथमिक जांच में ईंटों की स्ट्रेंथ कमजोर प्रतीत हो रही है। इसी को लेकर ईंटों की विस्तृत स्ट्रेंथ टेस्टिंग कराई जाएगी। इसके साथ ही सीमेंट और बजरी के मिश्रण से जुड़े मिक्सर के भी सैंपल लिए गए हैं। सभी सैंपल क्वालिटी कंट्रोल प्रयोगशाला भेजे जाएंगे। रिपोर्ट आने के बाद तय किया जाएगा कि निर्माण कार्य मानकों के अनुरूप है या नहीं। हैरानी की बात यह है कि इस कार्य के लिए कार्यदेश संख्या 668-672 दिनांक 13 जनवरी को ही जारी किया गया था। काम शुरू होने के महज दो दिन के भीतर ही 15 जनवरी को घटिया सामग्री पकड़े जाने पर निगम ने यह नोटिस थमा दिया है। नगर निगम आयुक्त श्रवण कुमार ने बताया कि मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल ईंटों को जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा गया। लैब से आई रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि क्ले फ्लाई ऐश ब्रिक की एक पूरी लॉट निम्न गुणवत्ता की थी। निर्माण में उपयोग की जा रही ईंटें न तो पूरी तरह पकी हुई थीं और न ही गुणवत्ता मानकों पर खरी उतर रही थीं। जांच में ईंटों में नमी की मात्रा भी तय मानक से अधिक पाई गई। इसके अलावा निगम के सहायक अभियंता और कनिष्ठ अभियंता ने भी मौके पर जाकर जांच की, जिसमें ईंट घटिया क्वालिटी की मिली। इस पर नाली निर्माण कर रही मैसर्स प्रधान कंस्ट्रक्शन कंपनी के संचालक को नोटिस जारी कर दिया है। ठेकेदार ने बताया कि नोटिस मिलते ही बनाई गई करीब 50-60 फीट नाली निर्माण को तोड़ दिया गया। इसको फिर से बनाया जाएगा। “जांच में ईंटों के सैंपल फेल होने के बाद ठेकेदार को नोटिस जारी कर सामग्री हटाने के निर्देश दिए हैं। नाली को तोड़कर फिर से बनाए जाने के निर्देश दिए हैं। सभी ठेकेदारों को निर्देश दिए है कि अगर निर्माण कार्य में घटिया क्वालिटी की सामग्री लगाई तो ब्लैक लिस्ट कर एफआईआर दर्ज कराई जाएगी।” -श्रवण कुमार विश्नोई, नगर निगम आयुक्त, भरतपुर


