बड़गोंदा में वन विकास निगम ने गुरुवार को नर्सरी बनाने के नाम पर सागौन के 1500 से ज्यादा छोटे-बड़े पेड़ों को बुलडोजर चलाकर नष्ट कर दिया। जिस स्थान पर पेड़ काटे गए हैं वहां पर तेंदुए की मूवमेंट रहती है। वह मवेशियों का शिकार करता है। यह हिस्सा जंगली खरगोश, नीलगाय, बटेर जैसे पक्षियों का भी घरोंदा है। 8-10 साल पहले वन विभाग ने अपनी खाली जमीन पर सागौन का पौधारोपण किया था। निगम को इस हिस्से में नर्सरी बनाने के लिए जमीन मिली है। 50 फीट तक ऊंचे और जंगल जैसे आवरण का अहसास कराने वाले इन पेड़ों को नष्ट कर दिया गया। तार फेंसिंग कर सुरक्षित किए थे पौधे, घने हो गए थे इन पेड़ों का काटने के लिए किसी तरह की अनुमति नहीं ली गई। बड़गोंदा में नर्सरी के प्रवेश वाले कच्चे रास्ते पर सागौन का पौधारोपण किया गया था। वन विभाग ने आयोजन कर यहां पौधे रोपे थे। तार फेंसिंग कर इसे सुरक्षित किया था। नतीजा यह हुआ कि सागौन का घना आवरण यहां बन गया था। हमने बड़े पेड़ नहीं काटे हमने बड़े पेड़ नहीं काटे हैं। झाड़ियों और बड़ी घास को हटाया है। बकायदा ड्रोन से एरिया का फोटो लेकर डीएफओ को प्रेजेंटेशन दिया था। -तारीक खान, रेंजर वन विकास निगम


