पंचकुला सड़क हादसा में 18.01 लाख रुपए मुआवजा:चंडीगढ़ कोर्ट ने ड्राइवर-मालिक दोषी माना, नहीं था वाहन का इश्योरेंस

पंचकुला के सेक्टर-6/7 डिवाइडिंग रोड पर हुए सड़क हादसे में मोटरसाइकिल सवार करम सिंह की मौत के मामले में चंडीगढ़ कोर्ट ने फैसला सुनाया है। कोर्ट ने हादसे को तेज रफ्तार और लापरवाही से वाहन चलाने का नतीजा मानते हुए मृतक के परिजनों को कुल 18.01 लाख रुपए मुआवजा देने के आदेश दिए हैं। यह राशि फॉरच्यूनर कार के चालक-मालिक गुरप्रिंस सग्गू को अदा करनी होगी। कोर्ट के आदेश के मुताबिक मृतक की मां और भाई को 2-2 लाख रुपए नकद दिए जाएंगे, जबकि पत्नी और दोनों बच्चों को शेष राशि बराबर हिस्सों में मिलेगी। बच्चों की राशि एफडी में जमा रहेगी, जो उन्हें बालिग होने पर मिलेगी। ड्यूटी खत्म कर लौट रहा था घर कोर्ट को बताया गया कि 11 जनवरी 2020 की रात करीब 11 बजे करम सिंह अपनी मोटरसाइकिल पर सेक्टर-6 पंचकुला स्थित अपने नियोक्ता की कोठी से ड्यूटी खत्म कर घर लौट रहे थे। जब वह सेक्टर-6/7 की डिवाइडिंग रोड के पास पहुंचे, तभी पीछे से तेज रफ्तार में आई फॉरच्यूनर कार (नंबर CH01AD-1002) ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि करम सिंह सड़क पर गिर पड़े और गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद कार चालक गुरप्रिंस सग्गू मौके पर रुका जरूर, लेकिन करम सिंह की हालत गंभीर देख वह वहां से फरार हो गया। घायल करम सिंह को सेक्टर-6 पंचकुला के सरकारी अस्पताल ले जाया गया, जहां से हालत नाजुक होने पर उन्हें पीजीआई चंडीगढ़ रेफर किया गया। इलाज के दौरान करम सिंह की मौत हो गई। पंचकुला पुलिस ने की जांच इस मामले में पुलिस थाना सेक्टर-5 पंचकुला में गुरप्रिंस सग्गू के खिलाफ आईपीसी की धाराओं 279 और 304-ए के तहत एफआईआर दर्ज की गई थी। ट्रिब्यूनल ने माना कि हादसा गुरप्रिंस सग्गू की लापरवाही से हुआ। वाहन की मैकेनिकल जांच में भी फॉरच्यूनर के क्षतिग्रस्त होने की पुष्टि हुई। परिवार में अकेला था कमाने वाला मामले में याचिकाकर्ता सुनीता देवी ने बताया कि उनके पति करम सिंह परिवार के इकलौते कमाने वाले सदस्य थे और ड्राइवर का काम कर करीब 20 हजार रुपए महीना कमाते थे। उनकी मौत के बाद परिवार पूरी तरह आर्थिक संकट में आ गया। मृतक के परिवार में पत्नी, दो बच्चे, मां और दिव्यांग भाई शामिल हैं। कोर्ट ने करम सिंह की उम्र 40 साल मानकर न्यूनतम वेतन को आधार बनाया और उसी हिसाब से मुआवजे की रकम तय की। कुल 18,01,100 रुपए मुआवजा और 7.5 प्रतिशत वार्षिक ब्याज देने का आदेश दिया। चूंकि फॉरच्यूनर कार बीमित नहीं थी, इसलिए पूरी राशि ड्राइवर-मालिक गुरप्रिंस सग्गू को ही अदा करनी होगी।

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